एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। बलात्कारियों एवं जनसंहार के दोषियों की सजा माफी रद्द कर बिलकिस बानो को न्याय देने की मांग को लेकर 21 अगस्त को ऐपवा ने समस्तीपुर शहर में प्रतिरोध मार्च निकाला।
बड़ी संख्या में महिला संगठन ऐपवा के कार्यकर्ता शहर के मालगोदाम चौक से अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला।
“बिलकिस बानों को न्याय दो”, “बिलकिस बानो के बलात्कारियों को सजा माफी क्यों, प्रधानमंत्री जबाब दो”, “आजादी के अमृत महोत्सव की आड़ में बलात्कारियों की सजा माफ करने वाला भाजपा सरकार शर्म करो” आदि नारे लगाते हुए प्रतिरोध मार्च मुख्य मार्गों से गुजरते हुए स्टेशन चौक पहुंचा।
जोरदार नारेबाजी के बाद मार्च सभा में तब्दील हो गया।
सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा के राज्य सचिव शशि यादव ने मोदी सरकार से बिलकिस बानो के बलात्कारियों एवं जनसंहार के दोषियों की सजा माफी रद्द कर बिलकिस बानो को इंसाफ देने की मांग की।
सभा की अध्यक्षता करते हुए ऐपवा के समस्तीपुर जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव की आड़ में बलात्कारियों- हत्यारों की सजा माफी देश को शर्मशार करने के साथ ही महिला सम्मान विरोधी भाजपा सरकार की कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सजा माफी रद्द कर बलात्कारियों- हत्यारे को पुनः जेल में बंद करना चाहिए।
सभा को जिला सचिव मनीषा कुमारी, नीलम देवी, शिव कुमारी देवी, सरिता कुमारी, रंजू कुमारी, सुलेखा कुमारी, सोनिया देवी, अनीता देवी, रजिया देवी, सिया देवी आदि ने संबोधित करते हुए देश एवं महिला सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाजपा के मोदी सरकार को जम कर लताड़ा।
इस अवसर पर भाकपा माले जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि गुजरात में 2002 में हुए दंगों के दौरान बिलकिस बानो से गैंगरेप और उनके परिवार के 7 सदस्यों की हत्या की सजा काट रहे सभी 11 अभियुक्त को 15 अगस्त को सरकार ने गोधरा उप कारागार से छोड़ दिया। इसे लेकर ऐपवा द्वारा प्रतिरोध मार्च व् सभा का आयोजन किया गया है।
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