एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। स्कीम छोटा होता है और अग्निपथ एक स्कीम है। यह सेना के क्षेत्र में निजीकरण की शुरुआत है। यह देश की सुरक्षा से खिलबाड़ है। देश विरोधी है। सरकार (Government) को इसे वापस लेना होगा।
इसे लेकर आगामी 27 जून को विपक्ष की ओर से बिहार विधानसभा में अध्यक्ष को कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश किया जाएगा। उक्त बातें समस्तीपुर (Samastipur) परिसदन में 25 जून को आयोजित प्रेस वार्ता में भाकपा माले विधायक (MLA) दल के नेता कॉमरेड महबूब आलम ने कही।
महाराष्ट्र प्रकरण पर उन्होंने भाजपा की मोदी सरकार पर खरीद फरोख्त का आरोप लगाया। इससे उन्होंने लोकतंत्र पर खतरा बताया। राष्ट्रपति चुनाव पर उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन देने की बात कही और विपक्ष की जीत बताया।
उन्होंने भूखमरी, गरीबी, राशन, रोजगार पर सरकार ने साजिशन हमला बोल दिये जाने पर विपक्षी एकता बनाकर सदन एवं सड़क पर आंदोलन तेज करने की घोषणा की।
मौके पर भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य कॉ धीरेन्द्र झा, ऐपवा राज्य सचिव कॉ शशि यादव, माले राज्य कमिटी सदस्य कॉ बंदना सिंह, माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार, जिला कमिटी सदस्य कॉ सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, ललन कुमार, उपेंद्र राय, सुनील कुमार, अशोक कुमार, प्रेमानंद सिंह आदि मौजूद थे।
प्रेस वार्ता में माले पोलित ब्यूरो सदस्य कॉ धीरेन्द्र झा ने कहा कि जल, जंगल, जमीन भाजपा की फासीवादी सरकार निजी हाथों में सौंप रही है। इसके खिलाफ देश में आदिवासियों पर दमन का भाजपा पर आरोप लगता रहा है। भाजपा आदिवासी को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाकर अपना हित साधना चाहती है, लेकिन इस चुनाव में विपक्षी गठबंधन की जीत होगी।
कॉ झा ने कहा कि समस्तीपुर में कर्ज के बोझ से एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध हत्या हो जाती है। पातेपुर में गरीबी से तंग आकर एक ही परिवार के 4 लोग जहर खाकर अपना जीवन लीला समाप्त कर लेते हैं। समस्तीपुर में लगातार हत्या,अपराध बढ़ रहा है और सरकार विकास एवं सुशासन के नाम पर अपना पीठ खुद थपथपा रही है।
उन्होंने अग्निपथ योजना के खिलाफ छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को समर्थन करते हुए हर संभव सहयोग देने की घोषणा की। यहां खानपुर के वर्मा विस्थापित की ओर से प्रेमानंद सिंह ने सीओ द्वारा जमीन छीनने पर रोक लगाने एवं इस मामले को विधानसभा में उठाने से संबंधित स्मार- पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
231 total views, 1 views today