सरकारी जमीन पर बसे भूमिहीनों ने पहले वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की
दलित- गरीबों के घर पर बुलडोजर नहीं चलने देंगे-बंदना सिंह
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर नगर एवं प्रकज क्षेत्र के बहादुरनगर से ईमली चौक तक बसे करीब 3 सौ दलित- गरीब भूमिहीनों को सीओ द्वारा उजाड़ने के नोटीस के भूमिहीनों ने 2 जनवरी को सीओ सीमा रानी के समक्ष उपस्थित होकर नोटीस का जबाब दिया।
इस अवसर पर दर्जनों भूमिहीनों के अपने नाम से बंदोबस्त जमीन का कागजात आवेदन के साथ सीओ को समर्पित किया। मौके पर उपस्थित अन्य रहिवासियों ने कास्तकारी एवं रैयती जमीन पर नोटीस देने का विरोध किया।
इस दौरान सैकड़ों भूमिहीनों ने लिखित रूप से सीओ को कहा कि खेसरा-606 का करीब 4 एकड़ जमीन पर एनएच सीधा करने में उनके जमीन कटने के बाद उन्हें बसाया गया था। इस दौरान दर्जनों परिवारों को बंदोबस्ती कर जमीन दिया गया। कुछ के पास बंदोबस्ती पेपर भी है। कुछ अन्य रहिवासियों का पेपर फूस के मकान में सड़- गल गया, जबकि सैकड़ों रहिवासियों का बंदोबस्ती कार्य प्रक्रियाधीन ही रह गया है।
भूमिहीनों का नेतृत्व कर रहे खेग्रामस एवं माले नेता प्रभात रंजन गुप्ता एवं मो. एजाज ने बताया कि स्थानीय रहिवासी सह भाजपा नेता मनोज सिंह ने खेसरा-606 आदि का 123 डीसमल से भी अधिक जमीन अतिक्रमण कर धर्म कांटा, गैस गोदाम, बाउंड्री बाल आदि बना रखे हैं।
वे अपने जमीन का व्यवसायिक ईस्तेमाल के लिए पुस्तैनी बसे दलित- गरीबों को हटाने के लिए सीडब्ल्यूजेसी हाईकोर्ट में दायर कर बसे को अंचल कार्यालय के सहायता से उजड़वाना चाहते हैं। महिला नेत्री वंदना सिंह ने कहा कि भाकपा माले दलित- गरीबों को बगैर वैकल्पिक व्यवस्था के उजड़ने नहीं देगी।
इस संबंध में पूछे जाने पर भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि नोटीस के खिलाफ भूमिहीनों को वास भूमि, आवास, सरकारी जमीन पर बसे को पर्चा, पर्चाधारी को कब्जा, पहुंच पथ से बंचित दलितों के मुहल्ले में पहुंच पथ की व्यवस्था करने की मांग को लेकर आगामी 10 जनवरी को ईमली चौक से जुलूस निकालकर अंचल एवं प्रखंड कार्यालय पर भाकपा माले प्रदर्शन करेगी।
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