प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट अधिवक्ता संघ के सदस्यों द्वारा न्यायिक शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि के विरोध को लेकर संघ भवन में 6 जनवरी को बैठक किया गया। अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए संघ अध्यक्ष मिश्रा ने कहा कि बार काउंसिल द्वारा न्यायिक शुल्क में वृद्धि को लेकर 6 जनवरी से झारखंड के सभी अधिवक्ता अपने आप को न्यायिक कार्य से अलग रखने को कहा गया है। उसका हम सभी समर्थन करते हैं।
वहीं झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन द्वारा बार काउंसिल के निर्णय को नहीं मानने की अपील की गई, उन्होंने उसे गलत बताया। जिसकी तेनुघाट के अधिवक्ता संघ के तमाम सदस्य निंदा करते हैं। साथ ही बार काउंसिल के पदाधिकारियों से आग्रह करेंगे कि राजीव रंजन के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। इसका संघ के सदस्यों ने समर्थन किया।
संघ अध्यक्ष ने बताया कि अधिवक्ता अपने कार्य को छोड़कर देश की आजादी में अपना सहयोग दिया है और देश को आजादी दिलाया। आज हम सभी आम जनता के हित में अपने आप को न्यायिक कार्य से अलग रखे हुए हैं।
संघ के महासचिव वकील प्रसाद महतो ने कहा कि सरकार के द्वारा जो न्यायिक शुल्क में वृद्धि की गई है वह बिल्कुल ही जनता के खिलाफ है। अचानक न्यायिक शुल्क में वृद्धि हुई है जिससे मुवक्कीलों पर अत्याधिक बोझ पड़ा है। मुवक्कील न्यायालय में सुलभ एवं सस्ता न्याय पाने के लिए आते हैं, मगर सरकार के शुल्क वृद्धि के निर्णय से उनपर शुल्क का बोझ पड़ेगा।
इसलिए मुवक्कीलो पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़े। इसे लेकर बार काउंसिल के द्वारा उनके हित को लेकर 6 जनवरी से झारखंड के सभी अधिवक्ताओं को न्यायिक कार्य से अलग रखने के लिए कहा गया है।
उन्होंने कहा कि झारखंड बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्णा के इस निर्देश को मानते हुए तेनुघाट के अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने अपने आप को न्यायिक कार्यों से अलग रखा है। उन्होंने बताया कि आगामी 8 जनवरी को झारखंड के सभी अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों की बैठक रांची में होगी, जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक को वासु कुमार डे, अरुण कुमार सिन्हा, बद्री नारायण पोद्दार, सुभाष कटरियार सहित अधिवक्ताओं ने भी न्याय शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि को लेकर अपने अपने विचार प्रकट की। बैठक में सभी अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल के इस निर्णय को सही माना और बताया कि मुवक्कील के हित के लिए हम सभी न्यायिक कार्यों से अलग रहेंगे और इसका पूरा समर्थन करेंगे।
बैठक में विश्वनाथ प्रसाद, राम बल्लभ महतो, डी एन तिवारी, रविंद्र नाथ बोस, धर्मवीर जयसवाल, संतोष कुमार, नरेश चंद्र ठाकुर, महादेव राम, निरंजन महतो, अमरेंद्र कुमार सिंह, तपन कुमार डे, चंद्रशेखर प्रसाद सिंह, महेश ठाकुर, शैलेश चंद्र, सुरेश यादव, बैजनाथ शर्मा, निर्मल कुमार, कुंदन कुमार, वीरेंद्र प्रसाद, अभिषेक मिश्रा, वेंकट हरी विश्वनाथन, पंकज कुमार झा, अरुण कुमार, नगेंद्र प्रसाद, रमेंद्र कुमार सिन्हा, कौशल उपाध्याय, मनोज कुमार चौबे, हसीना खातून, आदि।
आशुतोष शंकर, पवन कुमार, रंजीत सिंह, गणेश तिवारी, वेद प्रकाश तिवारी, जयप्रकाश तिवारी, प्रमोद कुमार साहू, रितेश कुमार जयसवाल, सरवर हाशमी, प्रताप कुमार, मजहरुल हसन, संजय कश्यप, तेजू करमाली, अनिल कुमार राजू, दीपक कुमार वर्मा, पृथ्वीनाथ प्रसाद, संत कुमार डे सहित संघ के अधिवक्ता गण मौजूद थे।
169 total views, 2 views today