ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के जन्म दिवस के अवसर पर 3 दिसंबर को अधिवक्ता दिवस मनाया जाता है।
देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 138वीं जयंती समारोह मनाई जा रही है। दया, क्षमा, उदारता और परोपकार के जीवंत प्रतिनिधि थे देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद। वे उच्च विचार के जीता जागता व्यक्ति थे। 03 दिसंबर 1884 को बिहार के सिवान जिले के एक छोटे से गांव जीरादेई में एमएम सहाय के पुत्र के रूप में जन्मे डॉ राजेंद्र प्रसाद काफी विलक्षण बुद्धि के थे।
देश जब आजाद हुआ तो उन्हें भारत का प्रथम राष्ट्रपति बनाया गया। हमें भी डॉ राजेंद्र प्रसाद के बताए गए मार्ग पर चलना चाहिए। उक्त बातें बोकारो जिला के हद में तेनुघाट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा ने अधिवक्ता संघ भवन में अधिवक्ता दिवस की बैठक के अवसर पर कही।
उन्होंने उपस्थित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें सच्चाई का मार्ग अपनाते हुए सही मार्ग पर चलते हुए अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। संघ के महासचिव वकील प्रसाद महतो ने कहा कि अधिवक्ता दिवस मनाने के लिए आज हम सब एकत्रित हुए हैं। अधिवक्ता गण को समाज का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है।
अधिवक्ता जहां एक सम्मानित पद है वही इसकी जिम्मेदारी भी काफी बड़ी है। हमें इसके जिम्मेदारियों का भी पूरी तरह से पालन करना चाहिए। महतो ने बताया कि आगामी 6 दिसंबर को बेरमो अनुमंडल की स्थापना दिवस है।
इस अवसर पर बेरमो जिला बनाने के लेकर एक बैठक संघ भवन में बुलाई गई है। वही बैठक में अधिवक्ता संघ के सदस्यों के द्वारा केक काटकर एवं एक दूसरे को केक खिलाकर अधिवक्ता दिवस की बधाई दी गई।
अधिवक्ता दिवस के अवसर पर वरीय अधिवक्ता डीएन तिवारी, चेतनानंद प्रसाद, सुभाष कटरियार, बीरेंद्र प्रसाद, पुनीत लाल प्रजापति, वेंकट हरी विश्वनाथन, रविंद्र नाथ बोस, राजकुमार यादव, संतोष कुमार ठाकुर, प्रसनजीत चटर्जी, लक्ष्मीकांत प्रसाद, सुशील कुमार सिंह, रंजीत सिंह, संजय कश्यप, संगीता साहू, शारदा देवी, आदि।
मजहरुल हसन, प्रताप कुमार, रतन कुमार सिन्हा, कल्याणी, मुनमुन कुमारी, मो. मोजिबुल अंसारी, नरेश ठाकुर, महेश ठाकुर, अवधेश कुमार मिश्रा, विरेंद्र कुमार सिन्हा, वासु कुमार डे, विनोद कुमार गुप्ता, पुष्पा हंस सहित संघ के सदस्य गण मौजूद थे।
198 total views, 1 views today