संयम व सेवाभाव से करें श्रद्धालुओं का स्वागत-एडीजी

श्रद्धालुओं को सुलभ व सुगम जलार्पण कराना हो प्राथमिकता-आईजी

आपसी समन्वय व सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों पर रहे सजग-उपयुक्त

एस. पी. सक्सेना/देवघर (झारखंड)। देवघर में आयोजित राजकीय श्रावणी मेला के सफल संचालन को लेकर 13 जुलाई को राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) संजय आनंद लाटकर द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं बाहर से आए पुलिस बल के कप्तानों की सामूहिक ब्रीफिंग का आयोजन शिल्पग्राम सभागार में किया गया।

ब्रीफिंग के दौरान पुलिस महानिरीक्षक अखिलेश कुमार झा, पुलिस उप-महानिरीक्षक हजारीबाग प्रमंडल नरेन्द्र कुमार सिंह, देवघर जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र जाट, उप विकास आयुक्त डॉ. कुमार ताराचंद, अनुमंडल पदाधिकारी अभिजीत सिन्हा, नगर आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पवन कुमार एवं संबंधित अधिकारी व पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

ब्रीफिंग के दौरान उपस्थित सभी दंडाधिकारियों एवं सुरक्षाकर्मियों को एडीजी द्वारा बताया गया कि श्रावणी मेला हेतु पूरी तरह सजग रहे। मेला के दौरान खासकर सोमवारी के दिन सर्वाधिक भीड़ होती है। ऐसे में इतनी बड़ी तादाद में आए कांवरियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण जैसी चुनौतियों का सामना बिना सजगता के नहीं किया जा सकता है।

भीड़ व्यवस्थापन के लिए जो चीज सर्वाधिक आवश्यक है, वह है समुचित योजना के अंतर्गत कार्य करना। अगर हम अपनी पिछले अनुभव से सीख लेते हुए समुचित योजना बना कर कार्य करें तो हम बहुत अच्छे से भीड़ का नियंत्रण कर सकते हैं।

शिल्पग्राम सभागार में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अखिलेश झा ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान रात्रि व तड़के सुबह का समय सबसे अहम होता है। इस समय हम सभी को सजग रहते हुए भीड़ व्यवस्थापन हेतु अपनी पूरी शक्ति और शामर्थ्य लगा देना है।

यह भी ध्यान रखना है कि आस-पास हो रही कोई भी गतिविधि हमारी आँखों से ओझल न हो। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला के सफल संचालन में वायरलेस की भी भूमिका काफी महत्वपूर्ण हैं। इसके माध्यम से हम सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान कर सकते हैं। ऐसे में आप सभी दंडाधिकारी एवं पदाधिकारी वायरलेस का किस तरह से संचालन होता हैं सिख लें, ताकि सूचनाओं के सम्प्रेषण में किसी भी प्रकार की समस्या ना आए।

पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) हजारीबाग प्रमंडल नरेन्द्र कुमार ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला का आयोजन में सभी की भागीदारी और आपसी समन्वय की आवश्यकता होगी। उन्होंने देवघर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए बाबा मंदिर, शिवगंगा सरोवर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया।

उन्होंने रात्रि के समय को काफी अहम बताते हुए कहा कि इस समय में खासकर सभी को सजग रहने की आवश्यकता है। वहां उपस्थित सभी सुरक्षाकर्मियों एवं दंडाधिकारियों को लगातार कतार की निगरानी करने का निर्देश भी दिया।

ब्रीफिंग के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री (Deputy Commissioner Manjunath Bhajantri) ने कहा कि जलार्पण हेतु कांवरिया शिवगंगा पर अपने जल का संकल्प कराकर निर्धारित रूट होते हुए कतारबद्ध होंगे। ऐसे में हमें यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कांवरिया रूटलाईन में किसी भी जगह पर भीड़ जमा न हो। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सभी कर्मी अपने जगह का निरीक्षण कर लें कि कहीं कोई समस्या तो नहीं है।

यदि किसी प्रकार की कोई समस्या प्रतीत होती है तो उसे आपसी समन्वय द्वारा शीघ्रातिशीघ्र हल करें। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के संदर्भ में बात करते हुए उपायुक्त ने कहा कि मंदिर में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, सुरक्षाकर्मी व अन्य सभी व्यक्ति अपने-अपने स्थानों पर तत्परता के साथ कार्य करें।

उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए जरूरी है कि हम सभी पूरी सजगता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें, ताकि दूसरे राज्यों से यहां आने वाले लोग हमारे राज्य की एक अच्छी छवि लेकर यहां से अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। उपायुक्त ने कहा कि मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सभी दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सुरक्षाकर्मी द्वारा इस बात का विशेष ध्यान रखा जाय कि कहीं भी लोगों द्वारा अनावश्यक वाहन पड़ाव न किया जाय।

उन्होंने सिविल सर्जन (Civil Surgeon) को निर्देश दिया कि मेला प्रारंभ से पूर्व उनके द्वारा मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त किये गये सभी स्वास्थ्यकर्मियों की ब्रीफिंग की जाय। उन्होंने कहा कि मेला का सफल संचालन इस बात पर निर्भर करता है कि कांवरियों की कतार कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है। यदि कतार में किसी प्रकार की गैप न हो और वह तेजी से आगे बढ़ते रहें तो श्रद्धालुओं को सुगम जलार्पण कराने में आसानी होती है।

पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र जाट ने कहा कि मेला में प्रतिनियुक्त बाहर से आए सभी दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सुरक्षाकर्मी यहां के माहौल से परिचित हो जायें, ताकि उन्हें भीड़ नियंत्रण करने में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि सभी अपना पूरा मन लगाकर तत्परता के साथ कार्य करें।

उन्होंने कहा कि हमारी व्यवस्था इस प्रकार होनी चाहिये कि श्रद्धालुओं को यहां आने पर यह महसूस हो कि वे देवभूमि में प्रवेश कर गये हैं। सारे ओपी को श्रावणी मेला हेतु पहले से हीं तैयार रहने के निर्देश दे दिया गया है।

कहा कि सभी लोग अपना ध्यान अंतिम छोर पर बनाये रखें। उसी के अनुरूप कार्य करें, ताकि लोगों का शीघ्रतिशीघ्र जलार्पण करा कर भीड़ नियंत्रण की जा सके। उन्होंने कहा कि सभी ओपी एवं यातायात ओपी के प्रभारी डीएसपी रैंक के ऑफिसर होंगे।

उन सभी का यह दायित्व होगा कि वो ये देखें कि उनके निर्धारित क्षेत्र में यातायात से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। इस दौरान मंच संचालन जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार ने किया। ब्रीफिंग के दौरान मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त वरीय अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, दंडाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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