एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड में बालू माफियाओं की गुंडागर्दी को समाप्त कर सरकार उनपर नकेल कसे और कहीं भी अवैध बालू खनन होने पर संबंधित जिला के खनन पदाधिकारियों पर कारवाई हो। बालू का मालिकाना हक ग्राम सभा को मिले।
उपरोक्त बाते 27 दिसंबर को आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केन्द्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने कही। नायक ने कहा कि बालू माफियाओं का इन दिनों इतना मनोबल बढ़ता जा रहा है कि वे बालू का अवैध उत्खनन रोकने जा रहे अफसरों पर हमला करने के साथ-साथ बंधक बनाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।
कहा कि हाल के कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग जिलों में इस तरह की कई ऐसी घटनाएं घट चुकी है जो राज्य की विधि व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नही है। उन्होंने कहा कि कई बार जहां अवैध बालू का उत्खनन रोकने गयी अफसरों की टीम पर बालू माफियाओं ने हमला कर दिया, तो कहीं उन्हें घंटों तक बंधक बनाये रखा जाना उनके बढ़ते मनोबल को दर्शाता है। वे अब किसी से नही डरते।
नायक ने उदाहरण देते हुए बताया कि गोड्डा में हाल ही में बालू माफियाओं ने सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के धमनी के निकट बालू घाट पर छापेमारी करने गये सीओ को तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा। जब सीओ को बंधक बनाने की जानकारी गोड्डा पुलिस को हुई तो पुलिस ने कार्रवाई कर सीओ को मुक्त कराया। इस बीच वहां बालू माफियाओं ने हंगामा करते हुए जब्त ट्रैक्टरों को छुड़ा लिया। यह घटना बीते 16 दिसंबर की है। इस मामले में सीओ प्रकाश बेसरा ने सुंदरपहाड़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
नायक ने कहा कि उसी तरह धनबाद में बालू माफिया ने माइनिंग टीम पर हमला कर दो इंस्पेक्टर को बुरी तरह घायल कर दिया। धनबाद में बालू माफिया ने खनन विभाग की टीम पर हमला बोल दिया। यह घटना बीते 19 दिसंबर के सुबह की है। जब खनन विभाग की टीम अवैध बालू परिवहन की सूचना पर धनबाद व सरायढेला थाना क्षेत्र में छापामारी की। इस दौरान बालू माफिया ने खनन विभाग की टीम पर हमला कर दिया, जिससे दो खनन निरीक्षक गंभीर रूप से घायल हो गये।
एक ने भाग कर जान बचाई। पलामू में छापामारी करने गयी टीम पर जानलेवा हमला किया गया। पलामू जिले के पाटन थाना क्षेत्र में अवैध रूप से बालू की तस्करी करने वाले माफियाओं ने 21 दिसंबर को खनन विभाग और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया। खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम छापेमारी के लिए मौके पर पहुंची थी। पुलिस को देखते ही माफियाओं ने हमला कर दिया, जिससे खनन विभाग के कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की जान खतरे में पड़ गयी। टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी जान बचाई।
नायक ने कहा कि आयेदिन बालु माफियाओ द्वारा जानलेवा हमला करना इस बात का घोतक है कि अब इन्हे सरकार और पुलिस का डर नही रहा। हेमंत सरकार इन बालु माफियाओ के कमर और मनोबल तोड़ने की दिशा मे एवं अवैध खनन को रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करे और उस टास्क फोर्स मे सीआरपीएफ के अर्धसैनिक बलो को भी शामिल कर विशेष छापामारी अभियान चलाये, क्योकि जिला स्तरीय टास्क फोर्स अब लगभग मृतप्राय हो गया है। तब ही अवैध बालू के कारोबार को रोका जा सकता है। साथ हीं इन बालू माफियाओं पर नकेल कसा जा सकता है।
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