रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बीते 9 अप्रैल की देर रात्रि बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के बंगाल से सटे सेंवाती घाटी जंगल की ओर से जंगली हाथियों का झुंड निकलकर ग्रामीण हलकों में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने गरीब के आशियाने को ध्वस्त कर दिया तथा लहलहाते फसल को तहस नहस कर दिया।
जानकारी के अनुसार जंगली हाथियों का समूह कसमार प्रखंड के हद में पाड़ी गांव के निकट गोवई नदी स्थित पहुंचा और स्थान रहिवासी दुखन सिंह मुण्डा का एडवेस्टस घर को पुरी तरह से ध्वस्त कर दिया। वहीं मुरहुलसुदी के किसान नागेश्वर महतो के खेतों में लगे खड़े गेंहू को हाथियों की झुंड ने चट कर दिया तथा बाकि बचे गेंहू की फसलों को हाथियों द्वारा रौंद डाला गया। जिससे किसान नागेश्वर महतो का लगभग पांच क्विंटल गेंहू फसलों की भारी बर्बादी हुई है।
बताया जाता है कि हाथी आने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को 9 अप्रैल की रात को ही दे दिया था। हाथी भगाओ टीम के सक्रिय सदस्य ठाकुर दास महतो व महेन्द्र महतो ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल हाथियों के झुंड में 28 हाथियों के होने की पुष्टि हुई है।
उन्होंने बताया कि 28 हाथियों की एक झुंड से बिछड़कर 9 हाथियों की एक टोली सेवाती घाटी के रास्ते से गवई नदी स्थित पाड़ी गांव में दुखन सिंह मुण्डा द्वारा घर पर हीं होटल संचालित था, हाथियों ने बुरी तरह से ध्वस्त कर घर के अंदर रखे होटल के चावल, बेसन, चीनी समेत अन्य खाद्य सामग्री को छति ग्रस्त कर दिया। बताया गया कि एक अन्य हाथियों का झुंड योगीडीह जंगल की ओर से आकर रोरिया जंगल में प्रवेश किया है।
ज्ञात हो कि, हाथियों के झुंड द्वारा एक सप्ताह पूर्व जरीडीह प्रखंड के हद में भस्की पंचायत के गरगरकोचा में कई कच्चा मकानों को तोड़कर घर के अंदर रखे चावल, धान व अन्य फसलों चट तथा बर्बाद कर दिया था। इधर हाथी भगाओ टीम में कर्मचारियों का घोर अभाव है।
वन विभाग हाथी प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के प्रति गंभीर नजर नहीं दिख रहा है। इधर हाथी भगाओ टीम द्वारा 10 अप्रैल की अहले सुबह हाथियों को ठेरमरवा जंगल की ओर खदेड़ा गया। समाचार लिखे जाने तक हाथियों का झुंड के रोरिया जंगल एवं जुमरा ढेरमरवा जंगल में रहने की जानकारी मिली है।
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