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अनाथ बच्चों से मुलाकात कर पंसस अयुब खान ने उपलब्ध कराया कंबल

आदिवासी परिवार की दो अनाथ बच्चों की एक वर्ष के अंदर पिता और माता की मौत

बुढ़ी दादी के कंधों पर है अनाथ बच्चों के जीवन यापन की जिम्मेवारी

एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। लातेहार जिला के हद में चंदवा प्रखंड के चटुआग में बुढ़ी दादी के साथ जीवन यापन कर रहे अनाथ बच्चों से मिलकर 13 जनवरी को पंसस ने उन्हें कंबल उपलब्ध कराया।

जानकारी के अनुसार चतरा लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे एवं कामता पंचायत के पंचायत समिति सदस्य अयुब खान व् पूर्व पंसस फहमीदा बीवी ने चटुआग गांव के आदिवासी परिवार की अनाथ हुए दो बच्चों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। साथ हीं प्रखंड कार्यालय से प्राप्त कंबल उन्हें उपलब्ध कराया।

ज्ञात हो कि, स्व घोघन गंझु की 66 वर्षिया पत्नी वृद्ध मसोमात फुलो अनाथ हुए बच्चों की दादी है। अपने अनाथ पोता – पोती की दर्द भरी दास्तां सुनाते हुए उनकी आंखे भर आई। फूलो ने बताया कि करीब तीन चार वर्ष पहले बरसात के मौसम में उसका एकलौता पुत्र 20 वर्षीय राजकुमार गंझु शुक्रवारीय बाजार हाट से अपने परिवार बच्चों के लिए खरीदारी कर घर लौट रहा था।

इस क्रम मे कामता स्कूल के समीप अचानक बज्रपात के चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। इस विपत्ति को भुलाया भी नहीं था कि एक वर्ष बाद पुत्रवधु कुलसी देवी की कमर दर्द के बिमारी से जूझ रही थी, ईलाज के दौरान अपने नैहर डेमुआ (खलारी) में ईलाज के दौरान निधन हो गया।

फूलो ने बताया कि माता – पिता और मां के असमय मौत होने से बच्चे अनाथ हो गए। उसने बताया कि मेरे परिवार पर प्रकृति ने ऐसा संकट बरपाया है कि बच्चे अनाथ और बेसहारा हो गए। देखते ही देखते बच्चों के माता – पिता दुनिया से विदा हो गया और बच्चों को अनाथ कर गया।

दादी फूलो ने बताया कि अब इन बेसहारा बच्चों के ऊपर माता-पिता का साया नहीं रहा और ना ही आजीविका का कोई सहारा ही है। ऐसे में इनके लिए जीवन यापन करना काफी कठिन और संघर्षमय हो गया है। वृद्ध मसोमात दादी फुलो ही अपने विधवा पेंशन की राशि और थोड़ी बहुत खेती से उत्पन्न अन्न से अनाथ बेसहारा बच्चों का जीवन यापन कर रही हैं।

पंसस खान ने कहा कि इस आदिवासी परिवार में संकट का दौर ऐसे शुरू हुआ कि पहले तो बज्रपात की चपेट मे आने से एकलौता पुत्र की मौत हो गई। तब तेरह वर्षीय अनाथ और बेसहारा अरबिंद कुमार और ग्यारह वर्षिया निशा कुमारी की देखभाल की जिम्मेदारी उनकी वृद्ध दादी के कंधो पर आ गई है। पंसस अयुब खान ने अनाथ बच्चों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह लातेहार जिला उपायुक्त हिमांशु मोहन से किया है।

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