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संयुक्त यूनियनों का चौथे दिन धरना में राजनीतिक दलों व् ग्रामीणों का समर्थन

सामाजिक समरसता प्रभावित होती है तो सेल प्रबंधन जिम्मेदार होगी-पांडेय

सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गुवा सेल में दूसरे राज्यों से आए 18 कामगारों को जॉइनिंग देने पर बहारियों को भगाने की नीति पर संयुक्त यूनियनों का 6 जनवरी को चौथे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। संयुक्त यूनियनों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए राजनीतिक दलों के साथ-साथ सारंडा क्षेत्र के विभिन्न गांव के ग्रामीणों का भी समर्थन मिलने लगा है।

ज्ञात हो कि बीते 3 जनवरी को दूसरे राज्य से सेल प्रबंधन द्वारा गुवा सेल में 18 कामगारों को जॉइनिंग दी गई है। आरोप है कि यहां के स्थानीय युवा बेरोजगारों को सेल प्रबंधन नौकरी न देकर दरकिनार कर दिया गया है।

संयुक्त यूनियनों में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन इंटक के क्षेत्रीय महामंत्री दुचा टोप्पो, सारंडा मजदूर यूनियन के महामंत्री राजकुमार झा, झारखंड मुक्ति मोर्चा यूनियन के अध्यक्ष पंचम जॉर्ज सोय, सीटू के अध्यक्ष मनोज मुखर्जी, सप्लाई मजदूर संघ के अध्यक्ष राजेश कोड़ा ने स्थानीय को रोजगार देने की मांगों को लेकर गुवा सेल प्रबंधन को मांग पत्र भी सौंपा गया है।

इस संबंध में क्षेत्र के सांसद गीता कोड़ा से फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि संयुक्त यूनियनों के आंदोलन को और वृहद रूप बनाते हुए गुवा के सभी सेलकर्मी, सप्लाई कर्मी, ठेका मजदूर ने यह निर्णय लिया है कि अपने 8 घंटे की ड्यूटी को घटाकर मात्र 6 घंटे ही ड्यूटी करेंगे।

इस अवसर पर मजदूर नेता रामा पांडेय ने कहा कि वर्तमान स्थिति जो गुवा में चल रही है उसमें किसी भी तरह से सामाजिक समरसता एवं एकरूपता बिगड़नी नहीं चाहिए। यदि यह प्रभावित होती है तो इसके लिए सेल प्रबंधन सीधे तौर पर जिम्मेदार होगी।

उन्होंने कहा कि भविष्य में दूसरे राज्यों से सेल प्रबंधन द्वारा जॉइनिंग किए कर्मियों को गुवा से नहीं भगाया जाता है तो बहुत जल्द आगे की रणनीति बनाते हुए सारे मजदूर स्वेच्छा से ड्यूटी जाना बंद कर देंगे। जिससे आयरन ओर का उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।

धरना प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से रामा पांडे, अंतर्यामी महाकुड, किशोर सिंह, संजू गोच्छाईत, चंद्रिका खंडाईत, आरती होरो, राकेश यादव, रितेश पाणिग्राही, साधना सिंह, राजकुमार झा, कुल बहादुर, दुचा टोप्पो, दिलबाग सिंह, पंचम जॉर्ज सोय, नरेश दास, नाजीर खान, नोवामुंडी भाग एक के जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, पश्चिमी पंचायत मुखिया पद्मिनी लागुरी, पंचायत समिति सदस्य भादो टोप्पो, मनोज मुखर्जी, जयसिंह नायक सहित काफी संख्या में मजदूर एवं विभिन्न गांव के ग्रामीण रहिवासी शामिल थे।

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