पैसे के अभाव में मुम्बई से गोविंदपुर नहीं आया नीलकंठ का शव

वीडियो कॉल द्वारा परिजनों ने किया अंतिम दर्शन

प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। केंद्र व् झारखंड सरकार चाहे लाख दावे करें, पर झारखंड के प्रवासी मजदूरो की जो हालत है, वह किसी से छुपी हुई नहीं है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हजारीबाग जिला के हद में बिष्णुगढ प्रखंड के गोविंदपुर पंचायत में एक ऐसा वाकया सामने आया है, जिसने सरकारी योजनाओं, सरकारी दावों आदि की पोल खोलकर रख दी है।यहां रोजगार के अभाव में काम करने के लिए गोविंदपुर निवासी स्वर्गीय अंतु पंडित के 22 वर्षीय पुत्र नीलकंठ जो बीते माह 30 अक्टूबर को मुम्बई काम करने गया था। जहां 1 नवम्बर को वह सीढी से गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया।

जिसे ईलाज के लिए मुम्बई के सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बीते 14 नवंबर रात को मौत हो गई। गरीबी की मार ऐसी कि पैसे के अभाव में शव को न तो यहां लाया जा सका, न ही परिजन वहां जा सके। लिहाजा मृतक नीलकंठ का अंतिम दर्शन मोबाइल फोन पर वीडियो कॉलिंग कर कराई गई। उसके बाद वहीं शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार पर्याप्त धनराशि के अभाव में गांव से गए मजदूर का शव चाह कर भी गांव नहीं ला सका। तब वीडियो कॉल के जरिए परिजनों को शव का अंतिम दर्शन कराया गया। मृतक के परिजनों के मुताबिक मृतक नीलकंठ का बीते 14 नवंबर को मुम्बई में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। उसके मौत की खबर से महिलाओं की चीख-पुकार से गोविंदपुर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।

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