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हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईद-ए-मिलाद-उन-नबी

मुकुंद नगर जुलुस के बाद, अमन शांति के लिए मांगी गई लंबी दुआएं

मुश्ताक खान/मुंबई। हर साल की तरह इस वर्ष भी वाशीनाका स्थित मुकुंद नगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुकुंद नगर के जमात -ए -नूरुल इस्लाम मस्जिद की तरफ आयोजित ईद-ए-मिलाद-उन-नबी काफी धूम धाम से मनाया गया। मस्जिद कमेटी की ओर से जुलुस निकाली गई। इस जुलुस में स्थानीय लोगों के अलावा पास पड़ोस के लोग भी शामिल हुए।

इस दौरान जगह जगह लोगों ने शिर -खुरमा, कोल्ड ड्रिंक्स, पेयजल और जुलुस में शामिल लोगों को जायकेदार पकवान खिलाये। जुलुस के आखिर में धर्मगुरु ने देश और दुनिया के लोगों की भलाई, रोजगार, बिमारियों आदि मुद्दे पर लंबी दुआएं मांगी। इस दुआ में सभी धर्म के लोग मौजूद थे।

गौरतलब है कि इस्लाम के मानने वालों के लिए ईद-ए-मिलाद-उन-नबी खास अहमियत रखता है। इसी दिन हमारे पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था, इस लिए इस्लाम के मानने वाले सभी फिरके के लोग पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन को हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। हर साल की तरह इस वर्ष भी मुस्लिम समाज के लोगों ने पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर अमन शांति का पैगाम दिया।

पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म चांद पर आधारित इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल के 12वें दिन मक्का में हुआ था। मोहम्मद साहब इस्लाम के आखरी पैगंबर थे। इस्लाम के मानने वाले समाज के लोगों के लिए आज का दिन खास है, इसे लेकर लोग अपनी खुशियों का इजहार कर रहे हैं। पैगंबर मोहम्मद साहब ही इस्लाम धर्म के मार्गदर्शक थे।

यही कारण है उनकी पैदाइश का दिन मुसलमानों के लिए खास होता है। इस दिन को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी कहा जाता है। पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन को नेकी और दूसरों के साथ रहमदिली और उनकी दी हुई शिक्षाओं के रुप में भी याद किया जाता है। ईद मिलाद उन नबी पर मुसलमान मस्जिदों में इकट्ठे होकर अल्लाह की इबादत में नमाज पढ़ते हैं और अपने गुनाहों की मुआफी मांगते हुए, पैगंबर मोहम्मद की दी हुई शिक्षाओं पर अमल करने का वादा करते हैं।

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