रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। अखिल भारतीय किसान सभा कसमार अंचल कमेटी की बैठक 29 अगस्त को आयोजित किया गया। अध्यक्षता कॉमरेड जटाधारी सिंह ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए बोकारो जिला किसान सभा के अध्यक्ष कॉ शकुर अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन काले कृषि कानूनों को वापस लेते समय एमएसपी लागू करने, आंदोलन के दौरान हजारों किसानों पर हुए झूठे मुकदमे वापस लेने, एक वर्ष तक चले आंदोलन के दौरान शहीद हुए 750 किसानों के आश्रितों को मुआवजा देने की बात कबूली थी।
सरकार द्वारा किए गये तमाम वायदो में एक भी वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार का एकमात्र जरीया मनरेगा को बंद करने की साज़िश की जा रही है। केंद्र की मोदी सरकार प्रत्येक वर्ष मनरेगा की राशि में कटौती करती जा रही है।
झारखंड में लगातार सुखाड़ की स्थिति से किसान परेशान हैं। सुखाड़ राहत योजना के एक वर्ष बाद भी किसानों को अबतक लाभ नहीं मिला है। कहा गया कि इस वर्ष मात्र 25 से 30 प्रतिशत ही धान का रोपा हो पाया है। रोपा फसल भी बारिश के अभाव में मरने के कगार पर है।
बैठक में सर्वसम्मति से कसमार प्रखंड को सुखाड़ क्षेत्र घोषित कर अविलंब राहत कार्य शुरू करने व मनरेगा कार्यों में तेजी लाने की मांग की गई। इस अवसर पर माकपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कॉ रामचंद्र ठाकुर, कॉ उमाशंकर महाराज, कॉ मुमताज अंसारी, कॉ शरीफ अंसारी, कॉ सहबान अंसारी, सगीर अंसारी, जमाल रज़ा, सलीम अंसारी, लालमोहन सिंह, एनुल अंसारी, अरूण महतो, दासू लहेरी, केदारनाथ महतो, इरफान अहमद आदि मौजूद थे।
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