48 वर्षों से फादर कार्लो तुरयानी की टीम है सक्रिय
मुश्ताक खान/मुंबई। कुष्ठ रोगियों, क्षयरोग के अलावा टीबी के मरीजों को मुफ्त सेवा देने वाली लोक सेवा संगम के संस्थापक फादर कार्लो तुरयानी द्वारा फरवरी 1976 से मुंबई की घनी आबादी वाले क्षेत्र में मुफ्त सेवा मुहैया कराई जाती है।
मूल रूप से इटली के रहने वाले फादर कार्लो तुरयानी और उनकी टीम का कार्य क्षेत्र मनपा परिमंडल पांच के एम पूर्व और पश्चिम वार्ड के आलावा कुर्ला का एल वार्ड भी है। उनकी टीम में डॉ. दिलीप जानी (मेडिकल सुपरिटेंडेंट), डॉ. कमलेश उपाध्या के आलावा प्रदीप रणदिवे (फिजियो थेरेपिस्ट) और विनीता शेलार (पैरामेडिकल वर्कर) हैं। इस टीम द्वारा नियमित रूप से मनपा के तीनों विभागों के मरीजों को मुफ्त सेवाएं दी जा रही है।
गौरतलब है कि तकरीबन साढ़े चार दशकों से कुष्ठ रोगियों , क्षयरोग के अलावा टीबी के मरीजों को मुफ्त सेवा देने वाली लोक सेवा संगम अपने स्वर्ण जयंती वर्ष की तरफ अग्रसर है। फरवरी 1976 से मुंबई के पूर्वी उपनगर की झोपड़पट्टियों में मुफ्त सेवा मुहैया करने वाली इस संस्था द्वारा समय -समय पर राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम का हिस्सा बानी और कुष्ठ जागरूकता अभियान को भी आगे बढ़ने में अहम भूमिका निभाई।

गरीबों का मसीहा बनी लोक सेवा संगम ने अपने कार्यकाल में लाखों कुष्ठ रोगियों को मुफ्त उपचार के साथ हर संभव सहायता भी किया है। कुछ इसी तरह टीबी शेरो के मरीजों, लैप्रोसी व चर्म रोगियों को भी सहयोग करती आ रही है। चेंबूर के मां हॉस्पिटल में डॉ. प्रशांत यंगार भी मरीजों को सहयोग देते हैं।
फादर तुरयानी का सपना गरीबों की मुफ्त सेवा
कुष्ठरोग व क्षयरोग नियंत्रण परियोजना को लोक सेवा संगम द्वारा चलाया जा रहा है। ताकि झोपड़पट्टियों में किसी तरह गुजर बसर करने वाली गरीब जनता को देखते हुए फादर कार्लो तुरयानी का कहना है कि” कार्य कठिन है इसलिए करने योग्य है, साधारण कार्य तो सभी करते हैं” इसके तहत उनहोंने 1976 में लोक सेवा संगम की स्थापना की थी। उनका सपना, गरीबों और बेसहारों की मुफ्त सेवा करना है।
लोक सेवा संगम की स्थापना के बाद से अब तक कुष्ठ रोगियों के अलावा टीबी शेरो के मरीजों की मुफ्त जांच और दवाइया मुहैया कराई जाती है। इसके लिए उन्होंने घनी आबादी वाली झोपड़पट्टियों को चुना है। मुंबई की झोपड़पट्टियों में गुजर बसर करने वाले मरीजों के जीवन को सुगम बनाने के लिए फादर और उनकी टीम हर संभव प्रयास कर रही है।
बीना प्रचार के लगती है मरीजों की भीड़
कुष्ठ रोगियों, लेप्रोसी, टीबी शेरो और चर्म रोगों से सावधानी बरतने के लिए लोक सेवा संगम के चिकित्स्कों द्वारा समय समय पर अभियान भी चलाया जाता है। फिलहाल इस संस्था द्वारा बृहन्मुंबई महानगर पालिका के परिमंडल पांच की हद में आने वाले एल वार्ड, एम पूर्व और एम पश्चिम के क्षेत्र में सेवाएं दे रही है।
इस कड़ी में दिलचप्स बात यह है कि लोक सेवा संगम को किसी के प्रचार प्रसार की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि मनपा के अस्पतालों के डॉक्टर ही इस प्रकार के मरीजों को बताते हैं। लोक सेवा संगम की प्राथमिकताओं में गरीब और असहाय लोगों की हर संभव मदद करना है।
लेप्रोसी (Leprosy) ऐसी बीमारी है जिससे बचने के लिए मरीज से दुरी बनानी जरूरी है। हालांकि WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) साल 1955 में सभी प्रकार की लेप्रोसी के कारण मरीज को डिसफिगरमेंट की समस्या का हवाला दिया था। इसमें मरीज के हाथ-पैर की उंगलियां टेढ़ी-मेढ़ी हो सकती हैं। पलकों या भौंहों जैसी जगहों से बाल उड़ सकते हैं।
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