परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान विचार व्यक्त करने के लिए पीएम ने जताया आभार
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। हर किसी का सपना होता है कि उसे उच्च श्रेणी का सम्मान मिले। इसे सच कर दिखाया है बेरमो कोयलांचल के एक शिक्षक ने। उक्त शिक्षक को देश के प्रधानमंत्री से सम्मान स्वरूप प्रसस्ती पत्र भेजा है।
जानकारी के अनुसार बीते 20 अप्रैल को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के तहत अपने विचार व्यक्त करने के लिए बोकारो जिला के हद में बेरमो कोयलांचल के आंबेडकर कालोनी फुसरो निवासी शिक्षक फैजान आलम अंसारी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रशस्ति पत्र भेजा है। फैजान फिलहाल गिरिडीह जिला के हद में डुमरी प्रखंड के पोरैया (इसरी) स्थित प्रेमचंद दयानंद आर्य विद्या (पीसी डीएवी) पब्लिक स्कूल में बतौर शिक्षक अध्यापनरत हैं।
शिक्षक फैजान को पीएम मोदी की ओर से प्रेषित प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के अंतर्गत आपके व आप जैसे शिक्षक साथियों से मिले विचार को जानकर प्रसन्नता हुई। इसके लिए वे आभार प्रकट करते हैं। पत्र में पीएम ने कहा है कि राष्ट्र और विद्यार्थियों के विकास पर आपके विचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

एक विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक उस प्रकाशपुंज के समान होते हैं, जो उन्हें सपने देखना और उन सपनों को संकल्प में बदलकर उन्हें सिद्ध करना सिखाते हैं। शिक्षक द्वारा सकारात्मकता और आत्मविश्वास का जो भाव छात्रों के व्यक्तित्व में निरूपित किया जाता है, वह जीवन भर उनका मार्गदर्शन करता है।
प्रशस्ति पत्र में पीएम मोदी ने कहा है कि आज बदलते समय के साथ युवाओं के लिए खेल, तकनीक, नवाचार व स्टार्ट-अप समेत अनेक नए विकल्प उभरे हैं। जिसमें अनंत संभावनाएं हैं। ऐसे में हर विद्यार्थी को अपनी क्षमताओं का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करते हुए स्वयं और देश के लिए स्वप्न देखने व् उसे पूरा करने के लिए प्रेरित करने में शिक्षकों द्वारा मूल्यवान मार्गदर्शन निर्णायक होगा।
पीएम ने कहा है कि अब से लेकर साल 2047 में देश की आजादी के शताब्दी वर्ष तक भव्य व विकसित भारत के निर्माण का सौभाग्य हमारे प्रतिभाशाली युवाओं को मिला है। मुझे विश्वास है कि हमारे शिक्षक साथी युवाओं को अगले 25 वर्षों में अपने लक्ष्यों को राष्ट्र की उन्नति से जोड़ते हुए दिव्य समाज निर्माण के लिए जी-जान से कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।
शिक्षक फैजान को पीएम द्वारा प्रेषित प्रसस्ती पत्र से उनके पत्रकार पिता फैयाज़ आलम मुन्ना काफी प्रफुल्लित हैं। मुन्ना ने इस संबंध में कहा कि बेहतर समाज निर्माण के लिए आज के समय में बच्चों में संस्कार होना आवश्यक है। यह संस्कार बच्चों को उनके माता पिता तथा शिक्षकों से ही मिलता है।
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