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आदिवासियों पर अत्याचार व् यूनिफॉर्म सिविल कोड के खिलाफ भाजपा कार्यालय का घेराव

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। देश के विभिन्न भाग में आदिवासियों पर अत्याचार एवं यूनिफॉर्म सिविल कोड के खिलाफ 8 जुलाई को झारखंड की राजधानी रांची स्थित भाजपा कार्यालय पर आदिवासियों के विभिन्न संगठनों द्वारा जोरदार प्रदर्शन कर घेराव किया गया।

जानकारी के अनुसार आदिवासियों के विभिन्न संगठनों के द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड एवं मध्यप्रदेश में आदिवासी पुरुष पर पेशाब करने के विरोध में झारखंड के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय का घेराव किया गया। घेराव के दौरान पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

इस अवसर पर आयोजित भाजपा कार्यालय घेराव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि यूसीसी का विरोध हर समय हम लोग करेंगे, क्योंकि हमारा संविधानिक अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासियों पर पेशाब किया जा रहा है। इस संदर्भ में आने वाला चुनाव में जवाब दिया जाएगा। उन्होंने दोषी को अविलम्ब फांसी देने की मांग की।

आदिवासी जन परिषद के प्रेम शाही मुंडा ने कहा कि देश में भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है। यूनिफॉर्म सिविल कोड लाकर आदिवासियों को उसके संविधानिक अधिकार जैसे पांचवी अनुसूची, छठी अनुसूचित, समता जजमेंट ट्राईबल सब प्लान, पेसा कानून और झारखंड राज्य के सीएनटी/एसपीटी एक्ट कानून सहित अपनी रूढ़िवादी परंपरा शादी विवाह, कर्मकण्ड पर एकमुश्त क्षति करने का षड्यंत्र है। इसको आदिवासी जन परिषद बर्दाश्त नहीं करेगी।

आने वाला समय में जनता के बीच जाकर भाजपा का पोल खोलने का काम किया जायेगा। आदिवासी मूलवासी जन अधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने कहा कि यूसीसी लाकर आदिवासी दलित पिछड़े का संविधानिक अधिकार को शून्य जा रहा है।

इसलिए आनेवाले समय में आदिवासी मूलवासी समाज संघर्ष करने के लिए तैयार रहें, नहीं तो जो स्थिति आजादी से पूर्व जो गुलाम भारत में दलित, आदिवासी, मूलवासी समाज की स्थिति थी, वही गुलामी करने का षड्यंत्र भाजपा कर रही है। जिसे कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह स्थिति बनी रहे, जिससे राष्ट्रव्यापी आंदोलन हम लोग खड़ा करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा को 2024 में सत्ता से बाहर करने की राजनीति को अंजाम दिया जाएगा।

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीनारायण मुंडा ने कहा कि यह बीजेपी और आरएसएस का प्रमुख एजेंडा है। इस एजेंडा को आदिवासी समाज को समझना होगा नहीं तो गुलामी करने के लिए तैयार रहो। आदिवासी सेना के अलविंन लकड़ा ने कहा कि भाजपा देश में संविधान को समाप्त करना चाहता है। यह धर्मनिरपेक्ष देश है। यहां सभी जाती,जमात के रहिवासी रहते हैं। ऐसी परिस्थिति में हम सभी को संघर्ष जारी रखना होगा।

कार्यक्रम में अजय तिर्की केंद्रीय सरना समिति, प्रेम शाही मुंडा आदिवासी जन परिषद, विजय शंकर नायक केंद्रीय उपाध्यक्ष आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच, लक्ष्मीनारायण मुंडा, डब्लू मुंडा कांके रोड सरना समिति, अल्विन लकडा आदिवासी सेना विकास समिति, कुमुदिनी तिर्की, अभय भुत कुंवर, प्रकाश मुंडा, कुंदरसी मुंडा, रूपचंद केवट, रंजीत टोप्पो, प्रकाश हंस, नवनीत उरांव, एम आर मांझी आदि शामिल थे।

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