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एनपीएससी ने ग्रामीण छात्रों के लिए मुहैया कराई स्कूल बस

एनपीएससी शिक्षा ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास की आधारशिला रख रहा है-सदानंद

पियूष पांडेय/बड़बिल (उड़ीसा)। एनपीएससी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए स्कूल बस मुहैया करायी है। उक्त स्कूल बस एक जुलाई को चालू कर दिया गया। बस को एनपीएससी के कंपनी उपाध्यक्ष सदानन्द राणा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

शिक्षा के क्षेत्र में विकास और छात्रों को सुदूर विद्यालय तक पहुंचाने के लिए उड़ीसा के क्योंझर जिला के हद में जोड़ा खनिज अंचल टोंटो में स्थित आथा ग्रुप की नरभेराम पॉवर एण्ड स्टील प्राइवेट लिमिटेड (एनपीएससी) कंपनी ने क्षेत्र के ग्रामीणों में निरन्तर आत्मनिर्भरता और शिक्षा के विकास व प्रचार -प्रसार में सहायक भूमिका निभाते रहा है। वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में कंपनी ने सीएसआर के तहत टोंटो ग्राम के स्कूली बच्चों के लिए दो बसें उपलब्ध कराई है।

इससे पूर्व कंपनी ने निजी व्यय पर ग्रामीण बच्चों की पहचान कर भद्रासाही सशिविमं और बड़बिल संत मेरी निजी स्कूल में 56 गरीब विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाया था। कंपनी के कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को अपने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया गया। कंपनी का सकारात्मक पहल का परिणाम है कि गांव के बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता, स्कूल जाने की ललक पैदा हुई है।

इसे लेकर एक जुलाई को विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुरक्षा से लैस स्कूल बस का आधिकारिक तौर पर भद्रासाही सरपंच प्रमिला नायक और कंपनी उपाध्यक्ष सदानन्द राणा ने भद्रासाही के वरिष्ठ एवं विशिष्ठ गणमान्य यदुमणि बारिक, पूर्व सरपंच अर्जुन सांडिल, वीना मुंडा, विपिन नायक, मीना मुंडा, कंपनी महाप्रबंधक इंदुभूषण मिश्रा, सीएसआर प्रमुख पी पांडेय, डीसीएम सरोज देव, विजय साहू, विवेकानंद जेना, प्रशांत मोहंती, सौभाग्य बेहेरा एवं अन्य की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर एनपीएससी उपाध्यक्ष सदानंद राणा ने अपने सम्बोधन में कहा कि कंपनी द्वारा संचालित कार्यक्रम केवल शिक्षा का विकास ही नहीं कर रहा है, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास की आधारशिला भी रख रहा है।

पूर्व सरपंच अर्जुन सांडिल ने कंपनी के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि नरभेराम पॉवर एण्ड स्टील कंपनी द्वारा ग्रामीण बच्चों के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देकर जो कार्यक्रम किया जा रहा है उसे अन्य कंपनियों को भी अनुकरण करना चाहिए और शिक्षा का विस्तार करना चाहिए।

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