प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। प्रवासी मजदूरों के मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इसी क्रम में बोकारो जिला के हद में नावाडीह प्रखंड के मुंगो गुंजरडीह के मजदूर की उड़ीसा में बीते 9 अप्रैल की सुबह सड़क हादसे में मौत हो गयी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नावाडीह थाना के हद में गुंजरडीह निवासी स्वर्गीय प्रसादी महतो के 38 वर्षीय पुत्र संतोष महतो की सड़क हादसे में मौत हो गयी। मौत की सूचना मिलते ही परिजनो का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पुरे गांव में शोक का माहौल हैं। मृतक संतोष महतो उड़ीसा में ट्रक ड्राइवर के रूप में कार्यरत था।
संतोष एक सप्ताह पूर्व ही घर से उड़ीसा गया था। वह घर का एकलौता कमाऊ पुत्र था। मृतक अपने पीछे पत्नी मीना देवी, पुत्री सीमा कुमारी (17 वर्ष) और पुत्र विवेक कुमार (15 वर्ष) को छोड़ गया है।

इस घटना को लेकर प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि झारखंड के नौजवानों के मौत के मुंह में समाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कइयों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी की तलाश में परदेस गये प्रवासी झारखंडी मजदूरों की मौत का सिलसिला जारी है।
हर रोज झारखंड के किसी न किसी इलाके से प्रवासी मजदूर की दूसरे राज्यों या विदेश में मौत की खबरें आ रही है। प्रवासी मजदूरों की सबसे ज्यादा तादाद बोकारो, गिरिडीह और हजारीबाग जिले से रोजी कमाने गये रहिवासियों की है।
अपना घर छोड़कर परदेस गये इन मजदूरों की जिंदगी तो कष्ट में बीतती ही है, मौत के बाद भी उनकी रूह को चैन नसीब नहीं होता है।किसी का शव हफ्ते भर बाद लाया जाता है, तो किसी को लाने में ढाई से तीन महीना भी लग जाता है। ऐसे में सरकार को राज्य में हीं रोज़गार की ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि यहां से मजदूरो का पलायन रोका जा सके।
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