एस. पी. सक्सेना/रांची (झाफक)। झारखंड में हो रहे जमीन लूट, सीएनटी व् एसपीटी एक्ट के घोर उल्लंघन को सरकार अविलंब गंभीरतापूर्वक रोक लगाने की दिशा में कार्य करें अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
उपरोक्त बातें 26 फरवरी को झारखंड बचाओ मोर्चा के केंद्रीय संयोजक सह हटिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने कही।
नायक ने साफ शब्दों में कहा कि झारखंड राज्य में राज्य निर्माण के बाद से ही खासकर छोटानागपुर- संथालपरगना क्षेत्रों में जो जमीन लूट का सिलसिला शुरु हुआ, वह आज भी बदस्तूर जारी है। उस पर सरकार गंभीरता दिखाए। इस दिशा में आवश्यक कार्य करने का काम करे, नहीं तो कभी भी इसके गंभीर दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
हिंसक घटनाएं भी संभव है। इसलिए सरकार इसकी अनदेखी नहीं करे। नायक ने कहा कि अगर इसी तरह जमीन लूट होती रही तो वह दिन दूर नहीं जब राज्य के शोषित पीड़ित अधिकार से वंचित जमात के अंतिम पायदान में बैठे। जिनकी जमीन लूटी जा रही है, वह अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करने का काम करेंगे।
संघर्ष में सीधी आर पार की लड़ाई होगी। इसलिए शासन प्रशासन में सीओ, बीडीओ भी जहां जमीन की हो रही लूट के विरुद्ध जमीन मालिकों को संरक्षण देने का काम करें, ना कि जो जमीन लूट रहे हैं उसको संरक्षण देने का काम करें। यह एक गंभीर विषय है।
सरकार को इस पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान देना चाहिए, क्योंकि झारखंड अलग राज्य का निर्माण ही हुआ था जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए।
उन्होंने कहा कि जितना एकीकृत बिहार राज्य में जमीन लूट नहीं हुई थी, उतनी लूट झारखंड निर्माण होने के बाद हुई है। जो सभी सरकारो के लिए शर्म का विषय है।
नायक ने कहा कि जल्द ही जमीन बचाओ अभियान के तहत झारखंड की राजधानी रांची में एक विशाल कार्यक्रम करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए तिथि की भी घोषणा की जा चुकी है। सिर्फ स्थान का चुनाव होना बाकी है।
इसलिए सरकार इसको मजाक में लेने का काम नही करें। उन्होंने कहा कि सरकार सीएनटी, एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर जो जमीन अब तक लूटी गई है उसको वापस दिलाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रही है, जिससे ऐसा लगता है कि सरकार भी इन भूमि माफियाओं के साथ मिली हुई है।
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