एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सीसीएल प्रबंधन उत्तरोत्तर उत्पादन की नई कीर्तिमान स्थापित करती रही है। बावजूद इसके क्षेत्रीय स्तर पर कई ऐसी समस्याएं हैं जिसमें मजबूत इच्छाशक्ति अनिवार्य है। इसे दूर करने के लिए और कंपनी को बेहतर से और बेहतर बनाने के लिए नैतिक और राजनीतिक स्तर पर इच्छाशक्ति मजबूत बनाना होगा, तभी विकास के नए आयाम स्थापित किया जा सकता है।
उक्त बातें बोकारो जिला के हद में सीसीएल बोकारो एवं करगली क्षेत्र में पदस्थापित महाप्रबंधक विद्युत एवं यांत्रिक जी. मोहंती ने 24 फरवरी की संध्या एक भेंट में कही। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की सोच हमेशा से सकारात्मक रहा है, जिसके कारण क्षेत्र में कई प्रकार के विकास कार्यों को संभव किया जा सका है।
बावजूद इसके सबसे बड़ी समस्या कंपनी आवासों के अवैध कब्जे को लेकर है। जिसमें कंपनी का प्रतिमाह करोड़ों की बिजली खपत होती रही है। इसे रोकने के लिए मजबूत राजनीतिक शक्ति का होना जरूरी है। इसके बिना इस प्रकार के बेवजह खपत पर रोक लगाना संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के करगली बाजार के आसपास काफी जर्जर हो चुके विद्युत तार तथा बिजली पोल को बदलने की योजना है। इसे वित्तीय वर्ष 2023-24 में पूर्ण कर दिया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य कार्य भी है जिसका मास्टर प्लान बनकर तैयार है।
उन्होंने बताया कि 24 फरवरी को सीसीएल मुख्यालय स्तर पर वर्चुअल मीटिंग के दौरान कार्यों में पारदर्शिता बरतने तथा उसे बेहतर ढंग से संपादित करने का निर्देश दिया गया है। उन कार्यों के लिए तैयार संचिका को अनुमोदन के लिए मुख्यालय भेजने की तैयारी की जा रही है।
महाप्रबंधक विद्युत एवं यांत्रिक मोहंती ने बताया कि केवल बीएंडके क्षेत्र द्वारा प्रतिमाह लगभग ₹4 करोड़ की बिजली खपत की जा रही है। इसे कमतर करने का प्रयास जारी है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब सभी के सहयोग से राजनीतिक इच्छा शक्ति को मजबूत बनाना होगा। इसके लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, मजदूर प्रतिनिधियों, ग्रामीण प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों तथा अधिकारियों का आपसी समन्वय संभव हो सकेगा।
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