विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। दिल्ली में आयोजित होनेवाले किसान मजदूर रैली ऐतिहासिक होगी। उक्त बातें 11 फरवरी को भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कृष्णा प्रसाद ने कही।
गोमियां प्रखंड के हद में स्वांग दक्षिणी पंचायत के पंचायत भवन परिसर में आयोजित बैठक में आगामी अप्रैल माह में होने वाली मजदूर एवं किसान रैली के संबंध में सीटू एवं किसान सभा ने संयुक्त रूप से कन्वेंशन का आयोजन किया।
भारतीय किसान सभा एवं सीटू के बैनर तले उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय कन्वेंशन की अध्यक्षता सीटू के जिला सचिव प्रदीप कुमार विश्वास, किसान सभा के जिला सचिव श्याम सुंदर महतो एवं अध्यक्ष शकूर अंसारी ने संयुक्त रूप से किया। कन्वेंशन का संचालन सीटू के राज्य कमेटी सदस्य राकेश कुमार ने किया। इसमें कई जिलों के मजदूर और किसान नेताओं ने भाग लिया।
कन्वेंशन में बतौर मुख्य वक्ता अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कृष्ण प्रसाद मौजूद थे। मुख्य वक्ता कृष्णा प्रसाद ने यहां कहा कि वर्तमान नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की मजदूर किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ दिल्ली में आगामी 5 अप्रैल को ऐतिहासिक किसान मजदूर रैली होने जा रही है।
रैली के एजेंडे को आज देश के कोने कोने में पहुंचाने के लिए इस तरह के कन्वेंशन का आयोजन किया जा रहा है। कन्वेंशन में उपस्थित किसानों और मजदूरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज देश की कृषि एक घाटे का सौदा हो गई है।
देश के किसान अपने खेतों में जितनी मेहनत कर रहे हैं, उपज का उतना दाम उन्हें नहीं मिल रहा है। इसलिए आज किसानों के लिए एमएसपी की गारंटी केंद्र सरकार को करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के मजदूर जिनके लिए नरेगा कानून बना था, उन्हें नरेगा कानून के तहत काम नहीं मिल रहा है। नरेगा के तहत सौ दिन की जगह दो सौ दिन काम दिया जाए एवं नरेगा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी छह सौ रुपए की गारंटी की जाए। हाथियों के आतंक से रहिवासियों की रक्षा करने की मांग को लेकर दिल्ली में रैली हो रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में होनेवाली किसान-मजदूर रैली ऐतिहासिक होगी।

उन्होंने कहा कि वह किसानों का संघर्ष ही था जो तीन काले कृषि कानून को वापस करने के लिए केंद्र सरकार को मजबूर किया। मोदी सरकार के गठन के बाद हर किसान और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ देश की जनता ने संघर्ष किया है।
कन्वेंशन को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य उपाध्यक्ष रामचंद्र ठाकुर ने कहा कि देश के संगठित और असंगठित मजदूरों के ऊपर केंद्र सरकार का हमला तेज होने जा रहा है। आज पूरा सरकारी उद्योग खतरे में है। उन सरकारी उद्योगों के मजदूर का भविष्य भी खतरे में है। केंद्र सरकार की इस मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ यह दिल्ली रैली ऐतिहासिक होगी।
मौके पर किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो, राज्य कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, सीटू के जिला कार्यकारी अध्यक्ष भागीरथ शर्मा, किसान सभा के राज्य संयुक्त सचिव असीम सरकार एवं परशुराम महतो, किसान सभा के गोमियां अंचल सचिव विनय महतो ने भी संबोधित किया। कन्वेंशन में सैकड़ों समर्थक किसान मजदूर उपस्थित थे।
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