बिहार। छपरा जिले के एक स्कूल में महज 13 साल की नाबालिग छात्रा के साथ दो शिक्षक और 15 पुरुषों द्वारा बलात्कार करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इससे बिहार सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने का दावा करने वाली बिहार सरकार में पीड़िता के साथ स्कूल परिसर में ही पिछले सात महीनों से लगातार दुष्कर्म किया जाता रहा। इसकी भनक शासन और प्रशासन को नहीं लगी।
बात इतने से खत्म नहीं हुई दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, पीड़िता को कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जाता रहा है। इस मामले में शुक्रवार को बिहार पुलिस ने दो शिक्षकों सहित छात्रों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्राचार्य भी शामिल हैं। कथित तौर पर लड़की ने नामजद 18 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। लड़की के बयानों के आधार पर, इस मामले को छपरा के परसा में पंजीकृत किया गया है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी कभी भी उस पर हमला कर सकता हैं, क्योंकि उसके पिता को दिसंबर 2017 में जेल भेजा गया था। तभी उसके सहपाठियों में से एक ने बलात्कार किया था और उसे ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो क्लिप का इस्तेमाल भी किया। वीडियो क्लिप लगभग 17 दिन बाद स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों तक पहुंच गया, इसके बाद वे भी बलात्कार करने और उसे ब्लैकमेल कर इस कृत में शामिल हो गए। और दिपेश्वर ज्ञान निकेतन परिसर में कई बार उसके साथ बलात्कार किया गया।
इस मामले में स्कूल के प्रर्चाय उदय कुमार सिंह, शिक्षक बालाजी और दो पुरुष छात्रों को गिरफ्तार कर किया गया है। इस मामले में फरार अन्य 14 अभियुक्तों की सरगर्मी से तलाश जारी है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी किया जा रहा है। एकमा थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता ने एक शिकायत दर्ज कराने गयी थी, जब उसके पिता जेल से रिहा हुए। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत लेने से ही मना कर दिया था। बताया जाता है कि पुलिस द्वारा पीड़ित परिवार को धमकी भी दिया गया था। इससे बिहार सरकार के काम काज पर सवाल उठने लगे हैं।
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