ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। राजनीति के चाणक्य, हर दिल अजीज स्वर्गीय जगदीश प्रसाद कुशवाहा की पुण्यतिथि पूरे श्रद्धा भाव के साथ मनाई गयी।
कोडरमा के भीष्म पितामह राजनीतिक गुरु डॉक्टर जगदीश प्रसाद कुशवाहा की पुण्यतिथि मनाया गया। पुण्यतिथि के अवसर पर पूरे जिले से भारी संख्या में गणमान्य रहिवासी श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। जिसका नेतृत्व प्रोफ़ेसर जयप्रकाश वर्मा ने किया।
यहां आयोजित श्रद्धांजलि सभा को जमुआ विधायक केदार हाजरा, जेएमएम नेता प्रदीप हाजरा, कांग्रेस नेत्री डॉक्टर मंजू कुमारी, कोडरमा से शालिनी गुप्ता, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रणव वर्मा, भाजपा जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ संयोजक डॉ एके वर्मा, सांसद प्रतिनिधि गंगाधर इत्यादि ने संबोधित किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर जयप्रकाश वर्मा ने कहा कि स्वर्गीय डॉ जगदीश कुशवाहा जात की राजनीति नहीं बल्कि जमात की राजनीति करते थे। वे पूरे कोडरमा जिला में दबे कुचले असहाय एवं चिकित्सा, शिक्षा से वंचित गरीबों को सामाजिक सूत्र में बांधकर एक राजनीतिक परिकल्प को तैयार करते हुए कोडरमा के धरती से अपने अनुज स्वर्गीय रीतलाल प्रसाद वर्मा को 5 बार संसद बनाने में अहम भूमिका निभाते रहे। वे कोडरमा, गिरिडीह की जनता के हर दु:ख सुख में एक छत्रछाया के रूप में खड़ा रहते थे।
मौके पर डॉ एके वर्मा ने कहा कि स्व. डॉक्टर जगदीश प्रसाद कुशवाहा कोडरमा क्षेत्र के भीष्म पितामह के रूप में जाने जाते थे। जिनका हजारीबाग, बरही, कोडरमा, झुमरा, इचाक पूरे क्षेत्र मे एक ही नाम होता था डॉक्टर कुशवाहा। जो सिर्फ जात की नहीं जमात की राजनीति करते थे।
अपने कार्यकाल में कई शिक्षा संस्थान को खोलने में अहम भूमिका अदा करते रहे। अपने क्षेत्र को चिकित्सा सेवा से जोड़ने में उनका बड़ा योगदान देते रहा है, जिसका उदाहरण आज ग्रामीण क्षेत्रों में कई ग्रामीण चिकित्सक को तैयार कर सेवा बहाल करना रहा है।
दिगंबर दिवाकर ने कहा कि आज डॉक्टर कुशवाहा और स्वर्गीय रीतलाल वर्मा समाज के उत्थान और विकास के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाए है। आज हम सबों के बीच हमेशा कमी महसूस होता है। कई अन्य गणमान्य जनों ने अपना व्यकतव रखें। कार्यक्रम की समाप्ति धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
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