अवध किशोर शर्मा/सोनपुर (सारण)। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. रामसुंदर दास की जयंती पर 9 जनवरी को आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में राजस्थानी कलाकारों ने अपनी लोक गायिकी एवं नृत्य से उपस्थित दर्शको एवं श्रोताओं को राजस्थानी लोक संस्कृति से परिचित कराया।
“केसरिया बालम आवो नी, पधारो म्हारे देश। मारू थारा देश में, निपजे तीन रत्न, इक ढोला इक मरवण” के साथ-साथ “दमादम मस्त कलन्दर एवं निम्बुड़ा- निम्बुड़ा” गायन से अपने पक्ष में कलाकारों ने जबर्दस्त तालियां बटोरी।
राजस्थानी लोक कलाकारों की लोकगायिकी का जलवा सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित रामसुंदर दास महिला महाविद्यालय में देखने को मिला। राजस्थानी ‘कलबेलिया नृत्य’ की प्रस्तुति भी सराही गयी। दर्शक-श्रोता लोक गायकी के इस रंग को देखकर अभिभूत हुए बिना नही रह सके।

इस अवसर पर राजस्थानी कलाकारों ने हिचकी नृत्य, घड़ा नृत्य आदि का भी प्रदर्शन किया। अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों की गायिकी और तबला वादन इस मंच पर दूसरे चरण में दो बार राष्ट्रपति से पुरस्कृत प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित रामप्रकाश मिश्र उनके नाती ऋषभ प्रकाश का गायिकी एवं प्रसिद्ध तबला वादक मिथिलेश कुमार झा का तबला पर संगत बेजोड़ रहा।इनके साथ कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव तृप्तिनाथ सिंह ने गायन में साथ दिया।
इससे पहले पं. झा ने बनारस घराने की तबला वादन से दर्शक-श्रोताओं को रूबरू कराया। अंत में रायगढ़ घराने के भोपाल की रहनेवाली डी अनुराधा सिंह के कत्थक के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। जाने-माने उदघोषक लखनऊ निवासी अशोक कुमार सिंह’गौतम’ कार्यक्रम का संचालन कर रहे थे।
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