धीरज शर्मा/विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। विष्णुगढ़ प्रखंड के हद में बादीखरना निवासी धीरज कुमार यादव पिता फालो यादव के अहराटांड में बने नए आवास एवं चारदिवारी (बाउंड्री) को जेसीबी द्वारा ध्वस्त कर देने का आरोप छह लोगों पर लगाया गया है।पीड़ित धीरज यादव ने हजारीबाग एसपी और डीएसपी को लिखित तहरीर देकर उक्त आरोप लगाया है।
पीड़ित यादव द्वारा पुलिस पदाधिकारियों को दिए आवेदन में जिक्र है कि फालो यादव अपने नए आवास में सो रहे थे। अचानक चारदिवारी तोड़ने की आवाज आने लगा तो घबराकर बाहर निकले। डरे सहमे अपने राहर बाड़ी में छिप गए। उन्होंने देकहा कि कुछ लोग पूरब से पश्चिम की ओर चारदीवारी को तोड़ते हुए धीरे-धीरे उसके घर के नजदीक पहुंचे जहां उसके पिता फालो यादव सोया हुआ था।
उस घर पर भी मशीन चला दिया गया, जिससे उसके बेड पर ईट और कार्केट गिर गया। इसमें पीड़ित के पिता बाल बाल बच गए। तहरीर में उक्त चाहरदिवारी तोड़ने वालों में सोबरन भगत, छोटी यादव, शैलेंद्र सिंह, रोहित यादव (उर्फ) कारु यादव, नरेश यादव (चारो ग्राम बादीखरना बिष्णुगढ़) जबकि विजेंद्र सिंह (ग्राम इटवाटाड बिष्णुगढ़) निवासी बताये जा रहे हैं।
आरोप है कि बिष्णुगढ़ प्रखंड के कथित भू माफिया सोबरन भगत एवं भूतपूर्व पंचायत समिति सदस्य दीपक रजक ग्राम बेड़ाहरियारा बिष्णुगढ़ निवासी, बादीखरना निवासी के साथ धीरज यादव के घर पर आकर कह रहे थे कि आप कन्हाई यादव पिता स्व. कीनू गोप को मदद करना बंद कर दो अन्यथा आपका अहराटांड में जो घर और चारदिवारी है उसको ध्वस्त कर देंगे।
तहरीर में कहा गया कि कुछ दिन बाद पुनः मानिक यादव को कहा गया कि धीरज यादव को समझा दीजिएगा नहीं तो उसका घर और चारदीवारी को तोड़ फोड़ कर देंगे।
ज्ञात हो कि, सोबरन भगत पर अलग-अलग थाने में कई लूट कांड के मुकदमें दर्ज है। भगत पूरे प्रखंड में भय का माहौल बनाए हुए है। बताया गया कि आरोपी के साथी विजेंदर सिंह, छोटी यादव, रोहित यादव उर्फ कारु यादव, नरेश यादव एवं विजेंद्र सिंह भू माफिया एवं विजेंद्र सिंह का जेसीबी मशीन शामिल है। जिससे जबरन जमीन कब्जा करने में उपयोग किया जाता रहा है।
उक्त सभी लोगों ने बीते चार जनवरी की रात को विजेंदर सिंह के मशीन से उसके घर और चारदीवारी को ध्वस्त किया गया है। धीरज यादव के अनुसार उसके घरवालों को उक्त लोगों से भविष्य में जान माल का डर है। भविष्य में किसी प्रकार की जानमाल की क्षति होने पर उक्त लोगो की जवाबदेही होगी।
इस घटना को लेकर इन सभी लोगों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक हजारीबाग एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुज उरांव को लिखित तहरीर दी गई है।
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