प्रहरी संवाददाता/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला (West Singhbhum District) के हद में गुआ के स्थानीय कलाकारों ने बीते 31 जुलाई की शामिल हिंदी सीने जगत के महान पार्श्वगायक दिवंगत मो.रफी को उनके 42 वीं पुण्यतिथि पर याद किया। स्थानीय कलाकारों के द्वारा रफी के तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
इस दौरान स्थानीय गायक कलाकार हरजीवन कच्छप ने रफी के द्वारा गाए हुए कई भूले बिसरे नगमों को गुनगुनाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। गीतों में ये दुनिया ये महफिल, दिल का सुना साज, छलकाए जाम, जानेवाले लौट कर नहीं आते आदि कर्णप्रिय गीत शामिल थे।
इस अवसर पर गायक कच्छप ने कहा कि रफी के अमर आवाज से युगों युगों तक लोग याद करेंगे। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 1980 को मरहूम रफ़ी साहब ने दुनिया को अलविदा कहा था। आज नई पीढ़ी में भी रफी साहब के अमर गीतों को युवा वर्ग द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। मौके पर भानू चंद्र दास, संतोष बेहेरा, सानू सांडिल, विकी, आशुतोष, आजाद, सुशांत व अन्य दर्जनों संगीत प्रिय रहिवासी मौजूद थे।
186 total views, 1 views today