धीरज शर्मा/विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। हजारीबाग जिला (Hazaribag district) के हद में विष्णुगढ़ प्रखंड के बसरिया निवासी 43 वर्षीय भागीरथ महतो का शव 19 अप्रैल को एंबुलेंस (Ambulance) से घर पहुंचते ही परिजनो में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी गंगिया देवी शव से लिपटकर दहाड़ मारकर रो पड़ी। पत्नी के आंसू थमने का नाम नही ले रहा था।
जानकारी के अनुसार मृतक भागीरथ महतो का आखिरी दर्शन के लिए पूरे गाँव के महिला, पुरूष, बच्चे, बूढ़े व नौजवान उमड़ पड़े। बताते चले कि, परिवार की जीविका चलाने के लिए पलायन के दौरान बलि की भेंट चढ गए। उनकी मौत राजस्थान में काम के दौरान टावर से गिरने से हो गयी थी। वह राजस्थान में केईसी इन्टरनेशनल लिमिटेड में टावर का काम कर रहे थे।
प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की मौत हो जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। झारखंड के नौजवानों को रोजी-रोटी कमाने के लिए देश-विदेश जाना पड़ता है, जहाँ पर उन्हें तरह-तरह की परेशानियों को झेलना पड़ता है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार (Central Government) से निवेदन किया है कि इन मजदूरों के हितों की सुरक्षा का उपाय करें।
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