पीडीजे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। न्याय सदन सभागार में 24 मार्च को जिला स्तरीय निगरानी कमेटी (डीएलएमसी) की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता बोकारो के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने किया।
बैठक में बोकारो जिला उपायुक्त कुलदीप चौधरी, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी ए के ठाकुर, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय आलोक कुमार दूबे, सीजेएम दिव्या मिश्रा, अनुमंडल पदाधिकारी चास दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, रजिस्टार रवि कुमार भास्कर सहित न्यायिक पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
आयोजित बैठक में पीडीजे प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने को कहा। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ ए बी प्रसाद को पीड़ित/आरोपित का इंज्यूरी रिपोर्ट ससमय न्यायालय को उपलब्ध कराने को कहा। उन्हें सभी प्रखंडों के प्रखंड चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी को घटना वाले दिन ही मामले से जुड़े घायलों का इंज्यूरी रिपोर्ट जारी करने का निर्देश देने को कहा।
बैठक में वन/उत्पाद आदि विभागों से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए सप्ताहभर में लंबित मामलों का अपने स्तर से निष्पादन कर प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा। इसमें किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
भवन प्रमंडल विभाग के कार्यपालक अभियंता से सिविल कोर्ट/क्वाटर आदि में चल रहें निर्माण कार्य/मरम्मती एवं नये निर्माण प्रस्ताव के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और कार्य में तेजी लाने को कहा।
बैठक में आगामी 27 मार्च को प्रस्तावित मेगा सशक्तिकरण शिविर के आयोजन को लेकर भी चर्चा किया गया। मौके पर डीएलएसए सचिव लूसी सोसेन तिग्गा ने विस्तार से इसकी जानकारी दी। पीडीजे ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच सरकारी योजना से लाभांवित करने का निर्देश दिया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपायुक्त चौधरी को सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी को जरूरी दिशा-निर्देश देने को कहा। उपायुक्त चौधरी ने कहा कि मेगा सशक्तिकरण शिविर के सफल आयोजन को लेकर अपर समाहर्ता को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सभी प्रखंडों में इसका आयोजन होगा।
चास में जिला स्तरीय मेगा सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य बिंदुओं पर चर्चा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिया गया। मौक पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
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