एस.पी.सक्सेना/बोकारो। भारत माता अभिनंदन संगठन (रजि.) के साहित्य कला एवं आध्यात्मिक प्रकोष्ठ के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष मुनीश कुमार वर्मा (Jharkhand Pradesh President Munish kumar verma) ने 12 जनवरी को अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो मुख्यालय तेनुघाट के कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा।
प्राप्त समाचार (Received news) के अनुसार पिछले दो वर्षों से प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर के दिन संगठन द्वारा बाल बलिदान दिवस के रूप में राष्ट्रव्यापी मुहिम चलाई जा रही थी।
साथ हीं मांग किया जा रहा था कि 26 दिसंबर को भारत सरकार बाल बलिदान दिवस को राष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता दें। जिसे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बीते 9 जनवरी को राष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता देते हुए प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित किया।
पत्र में वर्मा ने कहा है कि हम जानते हैं कि बाल दिवस का मतलब किसी बच्चे का पदार्पण अर्थात धरती पर जन्म लेना होता है, परंतु 26 दिसंबर को दुनियां के सबसे महान बाल शहादत गुरु गोविंद सिंह के दोनों सुपुत्र देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया था, इसलिए भारत माता अभिनंदन संगठन भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री से बाल दिवस को सुधार कर बलिदान दिवस के रूप में घोषणा करने की आग्रह करती है।
भारत माता अभिनंदन संगठन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धन्यवाद देती है कि आपने 26 दिसंबर को राष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता दिया। सिर्फ बाल दिवस शब्द के जगह बलिदान दिवस करने की कृपा करें।
इसी मांग पत्र को 12 जनवरी को संगठन के झारखंड प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मुनीश कुमार वर्मा और सचिव सुनील कुमार राय उर्फ अनुरागी सुनील द्वारा बोकारो जिला के हद में अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो मुख्यालय तेनुघाट के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया।
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