प्रहरी संवाददाता/वैशाली (बिहार)। घने कोहरे के बीच बिहार की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार अपेक्षाकृत सुस्त पड़ती नजर आ रही है। उच्च पथ (हाई-वे) पर भी इक्के दुक्के वाहनों का परिचालन देखा जा रहा है। साथ हीं मजबूरी में ही सही जिम्मेदारियों का निर्वहन होता भी दिखता है। सिर्फ रफ्तार में गिरावट आ गई है।
जानकारी के अनुसार घने कोहरे के कारण बिहार की राजधानी पटना, वैशाली के अलावा अन्य जिलों की सड़कों पर भी उसी तरह का मौसमी आतंक नजर आने लगा है। शीतलहर का प्रकोप भी जारी है। तापमान में गिरावट भी तेजी से हुई है।
ठीक उसी तरह का आतंक अरवल – औरंगाबाद हाईवे पर भी 6 जनवरी को दिखा। घने कोहरे के बीच इक्के दुक्के वाहनों की आवाजाही हो रही थी। साथ ही वाहनों की रफ्तार भी पहले से सुस्त दिखी।
कई चौराहों पर इतने भीषण ठंड के बावजूद प्रशासनिक सजगता नहीं दिखी (No Administrative alertness)। बैद्रबाद स्टैंड, ओझा बिगहा चौराहा आदि स्थानों पर किसी तरह के सरकारी अलावा का इंतजाम नहीं देखा गया।
एक बाईक मिस्त्री ने कहा कि सरकार और प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं है, इसलिए स्थानीय रहिवासी परस्पर सहयोग से ही यदा कदा अलाव जला कर शीतलहर से बचाव का प्रयास करते हुए अपनी रोजमर्रा के कामों को अंजाम देते हैं।
हालांकि अब तक मामले को लेकर किसी सम्बन्धित अधिकारी ने कोई खास जानकारी नहीं दी है। संभव है कि प्रशासन की तरफ से आगे मौसमी कहर के मद्देनजर कोई जनहित में निर्देश मिले और लोगों को राहत मिल सके।
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