एस.पी.सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड के मुख्यमंत्री की बहन तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा (Jharkhand mukti morcha) सुप्रीमो शिबू सोरेन की पुत्री और ओड़िशा में पार्टी की प्रदेश अध्यक्षा अंजनी सोरेन को 23 अगस्त को ओड़िसा के राउरकेला में गिरफ्तार किया गया है।
अंजनी सोरेन सहित झारखंड मुक्ति मोर्चा के अन्य नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सबकी गिरफ्तारी राउरकेला से की गई है। सुंदरगढ़ जिला प्रशासन ने इनको गिरफ्तार किया है। ज्ञात हो कि जमीन अधिग्रहण का विरोध करने के मामले में इनकी गिरफ्तारी की गई है। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने इसकी निंदा की है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस संदर्भ में अपनी बहन से बातचीत की और ओड़िशा सरकार के पुलिस प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। सुंदरगढ़ जिले के राजगंगापुर व कुत्रा ब्लॉक में जिंदल और ओसीएल कंपनी द्वारा जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्षा अंजनी सोरेन की अगुवाई में इसका विरोध कर रहे थे। पुलिस ने मामले में अंजनी सोरेन के अलावा पूर्व विधायक सह राज्य कोषाध्यक्ष प्रह्लाद पूर्ती, झामुमो केंद्रीय कमिटी सदस्य पवन सिंह, लेथा तिर्की, मयूरभंज जिला उपाध्यक्ष पार्वती पूर्ति सहित कई अन्य लोगों को राउरकेला के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक कार्रवाई के दौरान पुलिस पदाधिकारी औऱ झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं के बीच तू-तू, मैं-मैं भी हुई। बताया जा रहा है कि झामुमो नेताओं की गिरफ्तारी से सुंदरगढ़ जिले के मूलवासियों और आदिवासियों में गहरा असंतोष है।
झामुमो सुंदरगढ़ जिला कमेटी ने इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। पार्टी द्वारा कहा गया है कि पार्टी राजगंगापुर तथा सुंदरगढ़ जिले में जमीन अधिग्रहण का विरोध करती है और आगे भी जिले में प्रशासन द्वारा किए जा रहे जमीन अधिग्रहण का विरोध करती रहेगी।
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