प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति के तत्वाधान में बेरमो प्रखंड (Bermo block) के हद में पुरनाटांड़ के विस्थापितों की विस्थापन संबंधी लंबित ज्वलंत समस्या को लेकर 21 जुलाई को विवाह मंडप ढोरी में एक बैठक हुई।
बैठक की अध्यक्षता लखनलाल महतो ने की। साथ ही ये जज की भूमिका भी निभा रहे थे। संचालन कार्यकारी अध्यक्ष विनोद महतो ने किया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष लखनलाल महतो ने कहा कि वर्ष 1984 में अधिग्रहीत की गई पुरनाटांड के रैयतों की जमीन के बदले सीसीएल प्रबंधन 37 साल बाद भी नौकरी-मुआवजा नहीं दे सकी, जो बड़ी गंभीर मुद्दा है। अब प्रबंधन जबरन और गैरकानूनी तरीके से जेसीबी मशीन चलाने की कवायद कर रही है, जिससे विस्थापितों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
महासचिव काशीनाथ केवट ने कहा कि अमलो मौजा के विस्थापितों के साथ सीसीएल प्रबंधन ने काफी उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया है। यहां के 276 घर के बदले में 89 विस्थापितों को नौकरी देने का एकरारनामा किया था।
उसमें भी मात्र 58 लोगों को ही नौकरी दिया गया है। बाकी बचे 31 लोगों को नौकरी आजतक नहीं दिया गया। उन्होने कहा कि रैयतों के साथ किये गये एकरारनामा के अनुसार 31 विस्थापितों को अविलंब नौकरी दिया जाना चाहिए। साथ ही पुरनाटांड बस्ती के रैयतों की जमीन का पैकेज डील कर नौकरी देने तथा प्रभावितों को वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था प्रबंधन अविलंब करे।
कार्यकारी अध्यक्ष विनोद महतो ने कहा कि इस मसले पर डुमरी विधायक एवं सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो से शीघ्र बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुरनाटांड के रैयतों को न्याय दिलाने की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी।
प्रतिनिधि बालेश्वर गोप और सूरज महतो ने कहा कि सीसीएल बीएंडके प्रबंधन के विस्थापित विरोधी क्रियाकलापों का जमकर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुरनाटांड के विस्थापितों को उनका हक दिलाने की लड़ाई में पूरी शक्ति के साथ नई रणनीति तैयार की जाएगी।
मौके पर उपस्थित सांसद प्रतिनिधि नरेश महतो, महेंद्र चौधरी, कमलेश महतो, सुरेश महतो, धनेश्वर महतो, पंचानन मंडल आदि ने भी आंदोलन की हुंकार भरने और प्रबंधन की कार्यशैली को तानाशाही बताते हुए व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी।
मौके पर लालमोहन यादव, त्रिलोकी सिंह, राजेश गुप्ता, बबीता देवी, चंदन राम, दशरथ महतो आदि काफी संख्या में रैयत उपस्थित थे।
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