जलमार्ग अवरूद्ध करने वालों पर एफआईआर से कम मंजूर नहीं-आशिफ
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला (Samastipur district) के हद में ताजपुर प्रखंड क्षेत्र में जलजमाव को लेकर नाली सफाई को पहुंचे स्थानीय बीडीओ को अतिक्रमणकारी महिला के आगे नतमस्तक होना पड़ा। और अंततः बीडीओ बिना जलनिकासी कराये वापस लौट गये। इसे लेकर महिला नेत्री बंदना सिंह द्वारा विरोध दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार बीते 19 जुलाई की संध्या ताजपुर थाना पर सर्वदलीय बैठक के बाद जलनिकासी कराने को निकले ताजपुर बीडीओ मनोज कुमार, पुलिस बल सहित सर्वदलीय नेताओं यथा माले के सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, मो. एजाज, सामाजिक कार्यकर्ता जीतेंद्र कुमार, कांग्रेस के अब्दुल मालिक, राजद के मो. आफो, मो. मनव्वर, भाकपा के राम प्रीत पासवान, ट्रेक्टर ऐजेंसी संचालक संजय कुमार राय आदि जल जमाव पीड़ितों की उपस्थिति में हास्पिटल रोड में सरकार जमीन में बने बंद पड़े पुलिया को जेसीबी से काटकर खोलने गए।
यहां एक महिला द्वारा विरोध कर पूरजोर तरीके से जलनिकासी कार्य को रोक दिया गया। काफी समझाने के बाद भी महिला सरकारी जमीन को खोदकर नाला निकालने देने को तैयार नहीं हुई।
स्थानीय रहिवासियों ने बताया कि महिला द्वारा मकान निर्माण के समय सरकारी पुलिया को बंद कर दिया गया था। इसे लेकर हंगामा खड़ा हो गया। नेताओं के साथ पुलिस एवं आसपास के सैकड़ों रहिवासियों की उपस्थिति में बीडीओ मनोज कुमार ने कई बार महिला को माताजी बोलते हुए हाथ जोड़कर आरजू मिन्नत किया गया, लेकिन महिला टस से मस नहीं हुई।
महिला ने उक्त पुलिया को खोदने नहीं दी। इस दौरान करीब दो फीट गड्ढ़ा किया गया। इसके बाद भी पुलिया दिखाई नहीं दिया। महिला अंत तक जेसीबी के समक्ष खड़ी रही। अंत में वक्त की नजाकत को देखते हुए 19 जुलाई को रात्रि लगभग 11:30 बजे खोदाई कार्य बंद कर दिया गया।
इस तरह सरकारी जमीन को नहीं खोदने देकर सैकड़ों परिवारों को जल प्लावित किये रहने एवं बीडीओ की गुहार को महिला द्वारा अनसुनी कर देने की घटना के बाद जल निकासी शुरू नहीं होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
इस संबंध में महिला अधिकार कार्यकर्ता सह ऐपवा समस्तीपुर जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने कहा कि उनके द्वारा पांडे पोखर में मिट्टी भराई में भ्रष्टाचार के खिलाफ लूट का तमाम सबूत लेकर भाकपा माले के प्रखंड कार्यालय पर धरना में शामिल होने पर अन्य लोगों समेत उन पर बीडीओ मनोज कुमार द्वारा मुकदमा कर जेल में डालने का रास्ता साफ कर दिया गया,
जबकि एक महिला जो जलनिकासी का सरकारी रास्ता रोके हुई हैं, उनको बीडीओ द्वारा हाथ जोड़कर आरजू-मिन्नत। एक महिला को जेल और एक महिला को षाष्टांग दण्डवत। यह कैसा न्याय है? बाजार क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है।
ऐपवा नेत्री सिंह ने ताजपुर बीडीओ, सीओ एवं पुलिस प्रशासन से सख्ती बरतकर तमाम बंद पड़े सरकारी पुल, पुलिया, नाला आदि खोलवाने अन्यथा जलकैदी बने सैकड़ों पीड़ितों के साथ मिलकर आंदोलन तेज करने की घोषणा की है।
दूसरी ओर पैक्स अध्यक्ष सह इनौस नेता आशिफ होदा ने कहा कि सरकारी पुल, पुलिया, नाला बंद करने वालों को बीडीओ द्वारा हाथ जोड़ने से दबंगों का मनोबल बढ़ेगा और जल जमाव पीड़ितों को मुक्ति नहीं मिलेगी। उन्होंने मांग की कि सरकारी जमीन पर कब्जा जमाकर जलमार्ग को बाधित करने वालों पर प्रखंड प्रशासन एफआईआर दर्ज करे।
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