मुंबई। मॉनसूनी बीमारियों ने मुंबईकरों की मुश्किलें बढ़ा दी है। महानगर मुंबई में मॉनसूनी बीमारियों का कहर बढ़ गया है। एक तरफ जहां स्वाइन फ्लू की समस्या प्रशासन के लिए चुनौती है, वहीं डेंगी, मलेरिया और लेप्टो ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। मनपा स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार एक महीने में मॉनसूनी बीमारियों से 13 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि हजारों लोग अलग- अलग मॉनसूनी बीमारियों की चपेट में हैं।
इस साल मानसून में सबसे अधिक आतंक स्वाइन फ्लू ने फैलाया। केवल जुलाई महीने में स्वाइन फ्लू ने 7 लोगों की जान ली। जबकि 413 लोग इस बीमारी की गिरफ्त में हैं। वातवरण में हो रहे लगातार बदलाव के चलते स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। मनपा से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार एक महीने में मलेरिया के 752, डेंगी 70,हेपेटायटिज 134 लेप्टो के 59 मामले सामने आए हैं। स्वाइन फ्लू के अलावा 3 मौत लेप्टो से, 2 मलेरिया जबकि एक हेपेटायटिज से हुई है।
हालांकि आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल की तुलना में इस साल जुलाई में डेंगी और गैस्ट्रो के मामलों में कमी आई है। मनपा ने मॉनसूनी बीमारियों से बचने के लिए लोगों से साफ -सफाई बरतने के साथ ही आसपास पानी न लगने की अपील की है।
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