
एस.पी.सक्सेना/बोकारो। कोल इंडिया देश में महारत्न कंपनी (Maharatna company) के रूप में शामिल है। कोल इंडिया की अनुसंगी इकाई सीसीएल में राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ की सदस्य संख्या लगभग 10,000 है। वही सीसीएल में पूरा श्रम शक्ति लगभग 36000 के आसपास है। ऐसे में उपलब्ध संख्या बल के आधार पर राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ सबसे बड़े संगठन के रूप में उभरा है। उक्त बातें 29 जून को राकोमसं सीसीएल सचिव अजय कुमार सिंह ने दी।
उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र में जितने भी यूनियन सक्रिय हैं उस यूनियन के सदस्य से आरसीएमएस (RCMS) की सदस्य संख्या दोगुना से भी अधिक है। यह राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ का विश्वास मजदूरों के प्रति दर्शाता है। परिणाम स्वरूप राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ भी अपने बड़े दायित्व का निर्वाह करने में सक्षम है।
सिंह ने कहा कि एक ओर जहां सीसीएल इकाई के नेता के रूप में पंडित स्वर्गीय बिंदेश्वरी दुबे, स्वर्गीय दामोदर पांडेय, स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह ने सीसीएल से राजनीति प्रारंभ कर कोल इंडिया में ही नहीं पूरे देश में मजदूरों का प्रतिनिधित्व किया, वही सीसीएल और बेरमो का नाम भी रोशन हुआ।
सिंह ने दावा करते हुए कहा कि श्रमिकों के अधिकार की रक्षा के लिए राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ प्रतिबद्ध है। मजदूरों के हक और अधिकार की रक्षा के लिए राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ ने आंदोलन के माध्यम से उनके अधिकारों की रक्षा करती रही है। राकोमसं के आंदोलनों का परिणाम पूरे सीसीएल में हजारों लोगों को नियुक्ति दिलाने का काम आरसीएमएस के आंदोलन का इतिहास रहा है। वहीं आज भी कई जटिल समस्याओं के निराकरण के लिए संघ अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि पूरे सीसीएल के मजदूर बधाई के पात्र हैं, जिनका विश्वास आज भी संघ के ऊपर बना हुआ है। सिंह के अनुसार बेरमो के युवा विधायक कुमार जय मंगल उर्फ अनूप सिंह के नेतृत्व में मजदूरों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। योजनाबद्ध तरीके से मजदूरों के अधिकार की रक्षा के लिए संगठन आगे बढ़ेगा। यह हर्ष और गौरव की बात है। सीसीएल के साथ-साथ पूरे ऑल इंडिया में भी इंटक तथा आरसीएमएस की संख्या को आगे बढ़ाया जाएगा। आने वाले दिनों में देश के मजदूरों को निर्णायक और बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान की केंद्र सरकार मजदूर और उद्योग विरोधी सरकार है। पूर्व में मिल रहे मजदूरों की सुख सुविधा में लगातार हमले हो रहे हैं। उन्हें अधिकार से वंचित किए जाने का कुंठित प्रयास है। इंटक के नेतृत्व में पूरे देश के मजदूर बड़ा और निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि सीसीएल के तमाम मजदूर बधाई के पात्र हैं, जिनका विश्वास आज भी संगठन के ऊपर बना हुआ है। इसके लिए वे अपनी ओर से सीसीएल के मजदूरों को हृदय से बधाई व धन्यवाद देते हैं।
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