फिरोज आलम/जैनामोड़ (बोकारो)। जरीडीह प्रखंड (Jaridih block) के हद में गायछंदा गांव निवासी शोसल एक्टिविस्ट अयूब अंसारी (Ayub Ansari) ने कहा कि माहे-ए-रमजान चंद दिनों के बाद रुखसत हो जाएगा। मगर अफसोस है कि कोरोना महामारी के कारण यह लगातार दूसरा मौका है। जो बाजारो में गुलजार नजर नही आ रहा है।
अंसारी के अनुसार अगले साल रमजान दोबारा लौट कर आएगा लेकिन मालूम नहीं हम रहेंगे या नहीं। इसलिए रमजान के जितने दिन भी बचे हैं उसकी कदर करे और बढ़ – चढ़ कर इबादत करें। गरीब यतीम बेबस व लाचार का हक है। जिसका आप सहारा बने यह अल्लाह के तरफ से तोहफा है कि गरीबों का हक जरूर उन्हें सदका एवं फितरा के तौर पर तक्सीम किया करें। महामारी को देखते हुए सरकार के द्वारा लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। संभवतः 13 मई या 14 मई को ईद होने वाली है। प्रदेश एवं देश के हालात को देखते हुए सभी से अपील है कि गरीब बेसहारों का सहारा बनते हुए इस ईद में उन्हें जकात एवं फितरा के तौर पर छोटी सी रकम जरूर तक्सीम करें, ताकि उन गरीबों का ईद सादगी से मना सके। उन्होंने रोजेदारों से अपील की है कि रोजेदार कोरोना के खात्मे के लिए पाक पर वरदिगार से खासतौर से दुआएं मांगे। कोरोना के खिलाफ चल रही जंग हमलोंग जरुर जितेंगे। सरकार के द्वारा कोरोना महामारी के लिए जो दिशा निर्देश है उसका पालन करें। साथ ही जो बीमार है। उनके के लिए शिफा-ए- कामिला की दुआएं भी करें।
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