ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। झारखंड स्टेट बार काउंसिल (Jharkhand State bar council) कार्यकारिणी की बैठक में एक बार फिर कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वकीलों को न्यायिक कार्य से दूर रखने की अवधि में विस्तार कर दिया गया है। बैठक में हुए निर्णय के मुताबिक रांची समेत पूरे झारखंड में अगले एक सप्ताह तक न्यायिक कार्यों में कोई भी अधिवक्ता शामिल नहीं होंगे।
बीते 25 अप्रैल को झारखंड स्टेट बार काउंसिल की रिव्यू मीटिंग में यह निर्णय लिया गया था कि 2 मई तक राज्य भर के अधिवक्ता किसी भी तरह के न्यायिक कार्य में हिस्सा नहीं लेंगे। झारखंड के सभी अधिवक्ता न तो एग्जीक्यूटिव कोर्ट और ना ही ज्यूडिशियल कोर्ट में उपस्थित होंगे। साथ ही कोई अन्य न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। निर्णय की अवहेलना करने पर काउंसिल डिसिप्लिनरी एक्शन लेगा। उक्त जानकारी तेनुघाट अधिवक्ता संघ के महासचिव वकील प्रसाद महतो ने दी। आगे महतो ने बताया कि झारखंड स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्णा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्देश राज्य के सभी वकीलों के लिए है। इस निर्णय की जानकारी सभी जिलों के जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव को पत्र के माध्यम से दी गयी है। वहीं उन्होंने बताया कि झारखंड हाईकोर्ट में कोरोना वायरस सबंधित अगर किसी याचिका पर सुनवाई हुई तो उस याचिका से संबंधित अधिवक्ता न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं। इसके अलावा अन्य किसी भी मामले में अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं होंगे। अगर कोई भी वकील काउंसिल के इस निर्देश की अवहेलना करता है तो उसपर काउंसिल डिसिप्लिनरी एक्शन लेगा। अधिवक्ता अगले एक और सप्ताह तक न्यायिक कार्य से दूर रहें, ताकि उनमें कोरोना के संक्रमण का खतरा कम हो सके।
महतो ने बताया कि तेनुघाट अधिवक्ता संघ के सदस्यों को भी इस बात की जानकारी प्राप्त हो गई और सभी सदस्य बार कौंसिल के निर्णय का पालन करेंगे। ताकि हम कोरोना के चेन को तोड़ सके। जिससे हम खुद अपने आपको, अपने परिवार को और अपने मित्र जन, पड़ोसियों को सुरक्षित रख सके। सभी के लिए यह जरूरी है कि वह मास्क, सेनीटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन करें।
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