सीएम ने बढ़ते संक्रमण को लेकर सभी जिलों के उप विकास आय़ुक्त, डीपीआरओ, डीपीएम,जिला परिषद,पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के कार्यकारी परिषद के प्रधानों के साथ ऑनलाइन विचार विमर्श किया।
एस.पी.सक्सेना/बोकारो। कोविड-19 से लोगों को बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। खासकर इस महामारी से परिवार और समुदाय को कैसे सुरक्षित रखें, इसे लेकर सरकार तमाम संभव कदम उठा रही है। कोरोना से किस तरह मुकाबला करें। इसके लिए क्या रणनीति बनाई जाए। इसे लेकर राज्य सरकार (State government) सभी स्तरों पर सुझाव और जानकारी ले रही है।
इसे लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन (Jharkhand CM Hemant soren) ने 29 अप्रैल को सभी जिलों के उप विकास आय़ुक्त, डीपीआरओ, डीपीएम, जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के कार्यकारी परिषद के प्रधानों के साथ ऑनलाइन बैठक में ये बातें कही। इस दौरान उन्होंने सुदूर ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण की स्थिति, जांच, ऑक्सीजन युक्त बेड और दवाईयों की उपलब्धता, संक्रमितों के उपचार की व्यवस्था, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उपकेंद्रों में चिकित्सीय संसाधनों की उपलब्धता, दूसरे राज्यों से वापस आने वाले प्रवासी मजदूरों की मॉनिटरिंग को लेकर किए गए इंतजामों और टीकाकऱण अभियान आदि की जानकारी ली। इस दौरान पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों से कोरोना को नियंत्रित करने की दिशा में आ रही समस्याओं और परेशानियों से भी मुख्यमंत्री अवगत हुए।
सीएम सोरेन ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर हमारे लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस चुनौती से निपटने के लिए राज्य की जनता भी तैयार है। इस सिलसिले में सरकार ने जो कार्ययोजना तैयार की है, उसका समेकित लाभ मिले। इसके लिए सुदूर ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरुक करना बेहद जरूरी है। इसमें आप जैसे जनप्रतिनिधियों का अहम रोल है। उन्होंने कहा कि राज्यवासियो के सहयोग से इस बार भी हम कोरोना से चल रही जंग को जरूर जीतेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव में सतर्कता, सजगता और जागरूकता बेहद जरूरी है। इस सिलसिले में आपके पास अगर कोई सुझाव है तो उसे सरकार को बताएं। इसके साथ कोरोना से बचाव को लेकर बरते जाने वाले ऐहतियात और सुरक्षा के उपाय, घरेलू नुस्खे के इस्तेमाल और टीकाकरण को लेकर लोगों को आप जागरूक करें। यह ऐसी संकट की घड़ी है, जिसमें मानवता का परिचय देना होगा। जन प्रतिनिधियों से आग्रह है कि वे हर स्तर पर संक्रमितों को मदद औऱ सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रुप से कहा कि कोरोना मरीजों को बेड और दवाईयों की कमी नहीं होने दी जाएगी। जो दवाएं उपलब्ध नहीं है, उसकी जानकारी सरकार को दें। दवाएं उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस समय जो दवाईयों की कालाबाजारी कर रहे हैं, उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है। दवाई दुकानों में छापेमारी की जा रही है और उनके यहां उपलब्ध दवाओं के स्टॉक पर पूरी नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के नि: शुल्क टीकाकऱण की पूरी तैयारी हो चुकी है। जैसे ही टीका उपलब्ध करा दिया जाएगा, टीकाकऱण अभियान शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी का टीकाकरण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में रांची और जमशेदपुर में कोविड सर्किट शुरू किया गया है। इसका फायदा संक्रमितों को मिल रहा है। रांची और जमशेदपुर के अस्पतालों में बेड नहीं होने पर उन्हें निकटवर्ती जिले के अस्पतालों में बेड उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धनबाद में भी कोविड सर्किट को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं, जबकि संताल परगना और पलामू में इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। इस मौके पर त्रिस्तरीय पंचायती राज से जुड़े जन प्रतिनिधियों ने कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए अपने विचारों और सुझावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस दिशा में आ रही समस्याएं भी बताई। दुमका, पाकुड़, खूंटी समेत कई जिलों के जनप्रतिनिधियों ने टीकाकरण को लेकर लोगों के बीच फैली भ्रांतियां, गलतफहमी और किए जाने वाले दुष्प्रचारों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने कहा कि हर स्तर के जन प्रतिनिधियों को कोरोना योद्दा का दर्जा मिले और सभी का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। इससे लोगों के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है और वे टीकाकरण के लिए आगे आएंगे। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाएं. इसमें सरकार पूरा सहयोग करेगी।
*आयोजित वीडियो संवाद बैठक में मिले ये अहम सुझाव :-*
*टीकाकरण के प्रति ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरूक करने में उस क्षेत्र के खेल, राजनीति, समाज सेवा से जुड़े हस्तियों और प्रमुख लोगों का सहयोग लिया जाए। इसके साथ उस इलाके में प्रचलित भाषा में प्रचार-प्रसार को सुनिश्चित किया जाए।*
*सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप केंद्रों में संक्रमितों के इलाज के लिए पर्याप्त चिकित्सीय संसाधन उपलब्ध कराया जाए, चिकित्सक और नर्स समेत अन्य मैनपावर की कमी दूर की जाए।*
*15 वें वित्त आयोग के तहत उपलब्ध कराई गई राशि का कोरोना महामारी के खिलाफ चल रही जंग में इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाए। इसके लिए सरकार दिशा निर्देश जारी करें।*
*पंचायत स्तर पर फिर से क्वारेंटाइन सेंटर की व्यवस्था को लागू किया जाए। इसके लिए बेड समेत अन्य आवश्यक संसाधन पहले से ही उपलब्ध हैं।*
*दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों की मॉनिटरिंग और जांच की व्यवस्था की जाए। इससे संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।*
*ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों में एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित हो। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में ममता वाहन के इस्तेमाल की भी इजाजत दी जाए।*
*कोरोना संक्रमितों के देहांत हो जाने की स्थिति में उसकी अंत्येष्टि को लेकर जो दिक्कतें आ रही हैं, उसे दूर करने की पहल हो।*
*ग्रामीण इलाकों में कई परिवारों के सभी के सभी लोग संक्रमित हैं। ऐसे में इन परिवारों के सामने सबसे बड़ा संकट भोजन को लेकर है। ऐसे परिवारों को सरकार के स्तर पर भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सरकार के स्तर पर होनी चाहिए।*
इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, नगर विकास औऱ आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे, पंचायती राज विभाग के सचिव राहुल शर्मा और निदेशक, पंचायती राज आदित्य रंजन उपस्थित थे। इधर बोकारो जिले से उप विकास आयुक्त जय किशोर प्रसाद, जिला पंचायती राज पदाधिकारी राज शेखर, जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा देवी, बुंडू पंचायत के मुखिया अजय कुमार समेत अन्य पंचायतों एवं प्रखंड स्तरीय प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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