एस.पी.सक्सेना/देवघर(झारखंड)। देवघर जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री (Deoghar district deputy commissioner) ने 23 मार्च को ग्वालबदिया पंचायत के हद में जमुनियांटांड़ गांव का निरीक्षण कर लघु कुटीर उद्योग व स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा बांस के माध्यम से बनाये जा रहे विभिन्न सामानों व कार्यशैली की वास्तुस्थिति का जायजा लिया। इस दौरान लघु-कुटीर उद्योग व स्वयं सहायता समूह की दीदियों से उपायुक्त ने मुलाकात कर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों व काम करने में आने वाली समस्याओं से अवगत हुए। साथ हीं दीदियों को बांस से बनने वाले विभिन्न सामानों को बनाने हेतु प्रेरित किया।
दौरे के क्रम में उपायुक्त ने गांव में साफ-सफाई व शौचालय के उपयोग की स्थिति से अवगत हुए। उन्होंने छोटे-छोटे स्तर पर बांस से बने सामग्रियों की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी का यह प्रयास आपके गांव व पंचायत को एक नयी पहचान दिलाने का काम कर रही है। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर प्रांगण को थर्मोकाॅल मुक्त क्षेत्र बनाया गया है। साथ हीं आगामी 10 अप्रैल को शहरी क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने की शुरूआत जिला प्रशासन द्वारा की जायेगी। ऐसे में आप सभी के साहयोग से थर्मोकाॅल व प्लास्टिक के जगह बांस के बने टोकरी, डलिया, सूप, दोना आदि का उपयोग बढ़ जायेगा जिसके बाद आप सबों को जिले में ही बेहतर बाजार भी जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करा दिया जायेगा। आज आप सबों के कार्य करने के जज्बे को देखकर यह कहा जा सकता है कि महिलाएं न सिर्फ स्वरोजगार के माध्यम से स्वाबलंबी बन अपने परिवार का भरन-पोषण भी कर रही है। इसके साथ ही अपनी मेहनत के जरीये अन्य महिलाओं के प्रेरणा स्त्रोत बन रही है।
उपायुक्त से बातचीत के क्रम में स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा बताया गया कि वे लोग घर के काम-काज के बाद खाली बैठी रहती थी। खाली वक्त में कोई काम नहीं रहता था। लेकिन बांस से बने विभिन्न प्रकार के सामग्रियों आदि के कार्यों को अपनाने के बाद न सिर्फ बेकार समय व्यस्तता के बीच गुजरता है, बल्कि अच्छी आमदनी भी होती है। घर-परिवार खुशहाल है। बच्चों की पढ़ाई व रहन-सहन में काफी बदलाव आया है। पहले एक आदमी कमाता था। उसी से गुजर चलता था। अब दो लोगों की कमाई हो रही है। उपायुक्त ने निरीक्षण के क्रम में जेएसएलपीएस की टीम को निदेशित किया कि स्वयं सहायता समूह की दीदियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में और भी बेहतर कार्य योजना तैयार करें, ताकि सभी समूह की दीदियों को बेहतर विकल्प दिया जा सके।
निरीक्षण के क्रम में सखी मंडल की दीदियों से बातचीत करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा जानकारी दी गयी कि कोरोना काल में लोगों की समस्याओं के समाधन हेतु प्रत्येक सोमवार को 11 बजे से टाॅक टू डीसी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में आप सभी से मेरा आग्रह होगा कि अपने नजदीकी सीएससी केन्द्र के माध्यम से जुड़कर अपनी समस्याओं व शिकायतों को मेरे समक्ष रखें, ताकि उनका निराकरण किया जा सके।
उपायुक्त भजंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि जिले के कुटीर उद्योग से जुड़े कारीगरों का आर्टिजन कार्ड निर्गत करें, ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके। जिससे इनकी सही पहचान हो, कि संबंधित व्यक्ति किसी खास क्षेत्र का कारीगर है। उपायुक्त ने कहा कि हमें जिला में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करना है। इसके लिए जिला स्तर पर लघु एवं कुटीर उद्योगों का जाल बिछाना होगा। अधिकारी टीम बनाएं और गहन विचार मंथन करें, कि किस प्रकार यह कार्य संभव होगा। इस दौरान उपरोक्त के अलावे जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रवि कुमार, डीपीएम जेएसएलपीएस प्रकाश रंजन, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी आदि उपस्थित थे।
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