एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर(बिहार)। समस्तीपुर जिला Samastipur district) के हद में ताजपुर प्रखंड में मनरेगा से बनने वाले पशु शेड में भारी अनियमितता जारी है। उक्त जानकारी भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह (Tajpur block secretary Surendra Prasad Singh) ने कही।
माले नेता सिंह ने कहा कि वास्तविक पशुपालकों के बजाय फर्जी पशुपालकों को शेड देने का सवाल हो या एक शेड का फोटो खींचकर दो- तीन लोगों को लाभ देने का या फिर बिना शेड निर्माण ही करीब 1 लाख 63 हजार रूपये मनचाहे पशुपालकों के खाते में डालकर राशि डकारने का मामला बेरोकटोक जारी है। यहाँ तक कि एक ही परिवार में दो भाईयों तो दूसरी ओर पति- पत्नी दोनों के नाम से शेड का राशि दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। इस कार्य में जनप्रतिनिधियों के अलावे दलाल- विचौलिया से लेकर रोजगार सेवक, जेई, पीओ तक के शामिल हैं। तभी तो भाकपा माले के बैनर तले मामले को लेकर ताजपुर मनरेगा कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद भी कोई कारबाई नहीं की गई।
पीओ कार्यालय से छनकर जानकारी सामने आने पर अपने नाम न उजागर करने की शर्त पर एक कर्मी बताते हैं कि जहाँ एक ओर प्रखंड के कोठिया पंचायत के वार्ड-12 में बगैर पशु के चंद्रकांत झा की पत्नी सुनैना देवी को पशुशेड का लाभ दिया गया। विभाग द्वारा उस शेड का फोटो खींचकर राधेश्याम झा के पुत्र संजीव झा का शेड भी पास कराया गया। दूसरी ओर कोठिया के ही वार्ड-8 निवासी गया प्रसाद साह के पुत्र अमित आलोक को बगैर पशु के ही पशुशेड का लाभ मिल गया। वार्ड-11 निवासी जनक साह के पुत्र विपुल साह को बिना शेड बनाए ही लाभ दे दिया गया। राधेश्याम झा के पुत्र संजीव कुमार झा को बिना पशु एवं बिना शेड बनाए, सिंधेश्वर दास के पुत्र नरेश दास को बिना पशु ही शेड का लाभ दे दिया गया।
माले नेता सिंह ने बताया कि ताजपुर पंचायत के चक मोतीपुर वार्ड- 13 में ललन दास एवं इनकी पत्नी रीना देवी दोंनों को शेड का लाभुक बना दिया गया। मोतीपुर वार्ड- 12 में रिटायर्ड शिक्षक जागेश्वर प्रसाद सिंह के दोनों पुत्र पुरूषोत्तम कुमार एवं पंकज कुमार एक ही घर में दोनों भाईयों को पशुशेड का लाभुक बनाया गया। प्रखंड के अन्य पंचायतों मसलन बंगरा, दिघरूआ, महेशपुर, मानपुरा आदि पंचायतों में ऐसे मामले भरे पड़े हैं।
सिंह ने कहा कि अगर ईमानदार अधिकारी के नेतृत्व में सक्षम ऐजेंसी से जांच की जाये तो प्रखंड में करोड़ों रूपये की लूट का पर्दाफाश हो सकता है। इसमें बड़े- बड़े रसुखदार जेल की हवा खा सकते हैं।
इस मामले को सूचना अधिकार से उजागर करने के बाद इसे लेकर आंदोलन चलाने वाले माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि मनरेगा पीओ ने उन्हें एक सप्ताह के अंदर जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था पर आज तक कारबाई नहीं किए जाने से संदेह होता है। उन्होंने कहा कि दाल में काला नहीं बल्कि पूरा दाल ही काला है। उन्होंने उक्त आरोपों की सर्वदलीय कमिटी बनाकर पीओ जांच करें तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। आगे उन्होंने बताया कि वास्तविक पशुपालकों का एक लिस्ट संबंधित कागजात समेत पीओ कार्यालय में जमा किया गया था। कार्यालय से अभी तक जबाब का इंतजार पशुपालक कर रहे हैं। उन्होंने भी उक्त मामले की जांच कर कार्रवाई करने, वास्तविक पशुपालक को पशु शेड का लाभ देने अन्यथा आंदोलन चलाने की बात कही है।
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