फिरोज आलम/जैनामोड़(बोकारो)। किसान विरोधी काला कानून के खिलाफ जो पिछले 26 नवंबर से लगातार आंदोलनरत है। इसे लेकर 21 दिसंबर को सीपीआई (CPI) द्वारा उपायुक्त (Deputy commissioner) कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना व प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार, केंद्र की भाजपा सरकार ने किसानों के हित के बारे में नहीं सोच कर यह बिल लाया। बेरमो के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी बैजनाथ महतो ने कहा कि सीपीआई पार्टी जिस दिन से किसान विरोधी काला बिल केंद्र सरकार लेकर आए भारतीय किसानों पर एक बोझ बन गया। जिससे तमाम विपक्षी पार्टियां जो केंद्र सरकार के विरुद्ध हैं। इस कानून का विरोध करती है। महतो ने कहा कि तीनों काले कानुन कृषि कानून और बिजली कानून 2020 अविलंब वापस लिया जाए। किसानों की फसलों के लिए स्वामीनाथन कमेटी की अनुशंसा अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए। खेती में कॉर्पोरेशन शोषण को रोका जाए।
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