रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के बगदा स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में 19 अक्टूबर को नाटक का मंचन किया गया। नाटक देखने हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे।
ज्ञात हो कि दुर्गा पूजा की महानवमी के पावन अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बगदा स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में पराजय नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कसमार के अंचलाधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह, संपूर्ण भारत के संपादक मनोज कुमार कपरदार, पंचायत समिति सदस्य पति नीरज भट्टाचार्य तथा मुखिया पति संजय सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर की।
इस अवसर पर अतिथियों ने मां दुर्गा के चरणों में शीश नवाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। नाटक के मंचन के माध्यम से कलाकारों ने सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदेश देने का प्रयास किया। दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा और धार्मिक आस्था को एक बार फिर जीवंत किया।
मौके पर अंचलाधिकारी कसमार नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि दुर्गा पूजा हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। संपादक मनोज कुमार कपरदार ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हमारी परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कहा कि पराजय जैसे नाटकों के माध्यम से समाज को महत्वपूर्ण संदेश देने का अवसर मिलता है।
नीरज भट्टाचार्य ने कहा कि दुर्गा पूजा के अवसर पर इस प्रकार के कार्यक्रम क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों से रहिवासियों में एकजुटता और सामाजिक सद्भाव की भावना बढ़ती है। संजय सिंह ने कहा कि दुर्गा पूजा हमारी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। प्रत्येक वर्ष इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन होना क्षेत्र की परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को आगे बढ़ाने का सराहनीय प्रयास है। सुधीर स्वर्णकार ने कहा कि उपरोक्त नाटक के मंचन से क्षेत्रवासियों को मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी मिला।
ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय रहिवासियों एवं श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। महानवमी के अवसर पर आयोजित नाटक के मंचन ने दुर्गा पूजा के उत्सवी माहौल को और भी आकर्षक बना दिया।
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