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लुगुबुरु घंटाबाड़ी राजकीय महोत्सव को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा बैठक

ललपनिया में आगामी 22 से 24 नवंबर तक होगा तीन दिवसीय महोत्सव

पार्किंग, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता व् रोशनी को ले विभागों को निर्देश

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में ललपनिया स्थित श्यामली गेस्ट हाउस में जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने जिला स्तरीय पदाधिकारियों, आयोजन समिति के सदस्यों एवं टीटीपीएस प्रबंधन के साथ लुगुबुरु घंटाबाड़ी राजकीय महोत्सव-2026 के सफल आयोजन को लेकर 27 सितंबर को विस्तृत समीक्षा बैठक की।

बैठक में पिछले वर्ष के आयोजन के अनुभवों, श्रद्धालुओं को हुई असुविधाओं तथा प्राप्त सुझावों की समीक्षा करते हुए इस वर्ष व्यवस्थाओं को और बेहतर एवं सुव्यवस्थित बनाने को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

बैठक में उपायुक्त झा ने कहा कि लुगुबुरु घंटाबाड़ी धर्म महासम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संथाल आदिवासी समाज की गहरी धार्मिक आस्था, संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी भावनाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। कहा कि महोत्सव में देश – विदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आस्था और विश्वास के साथ पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन, आयोजन समिति एवं सभी संबंधित विभागों को पूरी संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने बताया कि आगामी 22, 23 एवं 24 नवंबर को तीन दिवसीय महोत्सव आयोजित होगा। श्रद्धालुओं का आगमन महोत्सव से पहले ही शुरू हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने का निर्देश दिया गया। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को ध्यान में रखते हुए भी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय पर सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में महोत्सव परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में रंग-रोगन, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के सभी कार्य आगामी 18 नवंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। स्थानीय प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप हरे एवं सफेद रंगों के संयोजन को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया। पहाड़ी रास्तों, प्रवेश द्वारों, सांस्कृतिक भवनों एवं श्रद्धालुओं के विश्राम स्थल वाले भवनों में आवश्यक मरम्मत एवं रंग-रोगन कराने को कहा। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन मार्ग सहित प्रमुख मार्गों एवं स्थलों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।

बैठक में लुगुबुरु क्षेत्र के धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों पर साफ-सफाई, प्रकाश एवं आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया। पहाड़ी क्षेत्र में खराब सोलर लाइट की मरम्मत कराने तथा महोत्सव परिसर से मुरपा तक पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। रात के समय पहाड़ी पर चढ़ने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त लाइट लगाने पर जोर दिया।

सीता नाला झड़ना सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण कराने तथा चट्टानों एवं धार्मिक स्थलों पर अनधिकृत रूप से लिखे गए नाम एवं प्रचार सामग्री हटाने की कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने दुर्घटना संभावित एवं संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर मजबूत बैरिकेडिंग तथा फिसलन वाले रास्तों को सुरक्षित बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में पिछले वर्ष की पार्किंग एवं यातायात संबंधी समस्याओं की समीक्षा करते हुए इस बार पहले से बेहतर व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया। मुख्य पार्किंग स्थल भरने की स्थिति में वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया। पार्किंग स्थलों को अलग-अलग सेक्टर में विभाजित कर प्रवेश एवं निकास के लिए अलग मार्ग निर्धारित करने, पर्याप्त साइनेज लगाने तथा प्रमुख ट्रैफिक प्वाइंट पर पुलिस बल एवं वॉलंटियर्स की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। बसों के ठहराव एवं संचालन के लिए अलग व्यवस्था निर्धारित करने तथा शहर के प्रमुख मार्गों पर अनावश्यक बसों की आवाजाही नियंत्रित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में महोत्सव क्षेत्र स्थित म्यूजियम भवन के बेहतर उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसके अलावा मुख्य आयोजन स्थल पर पार्किंग का दबाव कम करने के लिए आसपास के वैकल्पिक स्थलों की पहचान करने तथा वहां से श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधा विकसित करने पर भी विचार किया गया। रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड से महोत्सव स्थल तक श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी को आवश्यक बसों का आकलन कर समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। ईंधन की पर्याप्त व्यवस्था के लिए स्पष्ट कार्य योजना बनाने तथा बसों के संचालन एवं ठहराव स्थल पहले से निर्धारित करने का निर्देश दिया।

बैठक में महोत्सव परिसर में लगने वाली दुकानों की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। आयोजन समिति को कहा गया कि दुकान लगाने की अनुमति देते समय दुकानदारों के लिए अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य किया जाएगा। अग्निशमन विभाग को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आयोजन स्थल एवं पहाड़ी मार्गों पर उपयुक्त स्थानों पर मेडिकल कैंप लगाने, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, दवाइयां एवं आवश्यक उपकरण उपलब्ध रखने का निर्देश दिया।

आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस, स्ट्रेचर एवं अन्य चिकित्सा संसाधन पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रखने सहित प्रमुख स्थलों पर एंबुलेंस की तैनाती तथा सभी मेडिकल टीमों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पर्याप्त पेयजल एवं अस्थायी शौचालय की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। शौचालयों में नियमित सफाई एवं पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। आवश्यकतानुसार पानी के टैंकर उपलब्ध कराने तथा पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों की तैनाती करने का निर्देश दिया गया। नगर निगम चास एवं नगर परिषद फुसरो को 24 घंटे साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में उपायुक्त द्वारा श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए उपयुक्त स्थानों पर वन विभाग द्वारा बांस के अस्थायी बेंच एवं डस्टबिन लगाने का निर्देश दिया गया। कहा कि इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने के साथ परिसर को स्वच्छ रखने में भी मदद मिलेगी। महोत्सव के दौरान स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट, एलईडी स्क्रीन, साउंड सिस्टम, सीसीटीवी, ड्रोन कैमरा एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। खराब उपकरणों की समय रहते मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया। विभिन्न विभागों, पुलिस बल, स्वास्थ्य टीम एवं आयोजन समिति के बीच त्वरित समन्वय के लिए आवश्यक संचार व्यवस्था मजबूत करने तथा जरूरत के अनुसार वॉकी-टॉकी एवं अन्य संचार उपकरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि लुगुबुरु घंटाबाड़ी आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहां केवल एक आयोजन का हिस्सा बनने नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने आता है। इसलिए प्रशासन का प्रयास होना चाहिए कि यहां आने वाले श्रद्धालु अपने साथ सुखद अनुभव और अच्छी स्मृतियां लेकर लौटें। उन्होंने सभी विभागों एवं आयोजन समिति को आपसी समन्वय, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा पिछले वर्ष की कमियों को दूर करते हुए इस वर्ष की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, सम्मान और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को मिलने वाली सभी आवश्यक सुविधाओं का एक समन्वित रोडमैप तैयार किया जाए। इसमें मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, पेयजल, भोजन वितरण, पार्किंग, शौचालय एवं अन्य सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी शामिल हो। उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं शहर के प्रमुख स्थानों पर बड़े सूचना पट एवं फ्लेक्स लगाने का निर्देश दिया। इन पर महोत्सव स्थल तक पहुंचने का मार्ग, पार्किंग स्थल, चिकित्सा केंद्र, एंबुलेंस एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी उपलब्ध रहे। सभी महत्वपूर्ण स्थानों को दर्शाते हुए स्पष्ट सूचना मानचित्र तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया।

बैठक में अपर समाहर्ता सुनील चन्द्र, डीपीएलआर पूर्णिमा कुमारी, एसडीओ चास प्रांजल ढांडा, एफओ संदीप शिंदे, उप निदेशक पीआरडी रवि कुमार, एसडीओ बेरमो मनोज कुमार, डीएसओ हेमलता बून, डीईओ प्रवीण रंजन, डीएसई अतुल चौबे, गोमिया बीडीओ महादेव महतो, पेटरवार बीडीओ संतोष कुमार महतो, बेरमो बीडीओ मुकेश कुमार सहित उपरोक्त के सीओ, संबंधित विभागों के पदाधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य एवं टीटीपीएस प्रबंधन के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

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