एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। प्रेमचंद जयंती समारोह समिति द्वारा तीन चरणों में आयोजित जयंती समारोह का 27 सितंबर को जिला स्कूल मुजफ्फरपुर में समापन किया गया। इस अवसर पर बीते माह 30 अगस्त को विभिन्न विधाओं में आयोजित प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दुष्यंत कुमार के ग़ज़ल तुम्हारे पाॅंवों के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं।
मैं बेपनाह अंधेरों को सुबह कैसे कहूं, मैं इन नजारों का अंधा तमासबीन नहीं से की गयी। गजल डॉक्टर आरती कुमारी ने प्रस्तुत किया। वहीं डॉ पंकज कर्ण ने ये रौशनी है हकीकत में एक छल लोगो, कि जैसे जल में झलकता हुआ महल लोगो गाकर वर्तमान व्यवस्था का आईना दिखाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ नंद किशोर नंदन ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने अपने साहित्य में मानवीय संवेदना के साथ-साथ श्रम की महता को रेखांकित किया है। उनकी कलम हर तरह के अन्याय के खिलाफ चली है। कहा कि प्रेमचंद ऐसे पहले लेखक थे, जिन्होंने साहित्य को तिलिस्म से निकालकर आम जन के दुःख-दर्द की ओर ले गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार ने किया, वहीं संचालन सचिव अमन कुमार झा ने किया।कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि महफूज अहमद आरिफ ने प्रेमचंद पर रचित अपने सेर सुनाएं, डॉ कुमार विरल गीत गाए तथा किलकारी के छात्रों ने बी प्रशांत के गीत लंबी करो कतार साथी लम्बी करो कतार समूह गान के रूप में प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न स्कूलों के 196 सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया तथा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रभात तारा बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं सर्वाधिक प्रतिभागिता के लिए नॉर्थ प्वाइंट चिल्ड्रेन्स स्कूल को शील्ड देकर सम्मानित किया गया।

पुरस्कार देकर छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने वालों में समिति के मुख्य संरक्षक डॉ विजय कुमार जायसवाल, प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह, वीरेन नंदा, रविंद्र कुमार सिंह, उदय नारायण सिंह, विजय शंकर शाही, डॉ श्यामल श्रीवास्तव, डॉ रचना मिश्रा, डॉ सिंधुबाला, रामप्रीत राय, डॉ मनोज कुमार, अर्जुन कुमार, डॉ सुमन कुमार मिश्रा, शिक्षा सिंह, रानी कुमारी, कवियित्री सविता राज, वीरेंद्र कुमार, अनिल कुमार अनल, श्रवन कुमार, चंदन कुमार, सुमित्रा कुमारी, डॉ ज्ञान गौरव, निर्मल कुमार, शिवा चौधरी, डॉ दीपमाला, कुंदन कुमार आदि प्रमुख थे। वही कार्यक्रम को सफल बनाने में आशुतोष कुमार, अरविंद कुमार, शिव कुमार, अभिषेक कुमार, अली अख्तर, कंचन कुमारी, रूपा कुमारी, शिवचंद्र पासवान, कुमोद राम, नरेश राम आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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