कसमार प्रखंड मुख्यालय पर धरना, राष्ट्रपति के नाम बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। खान एवं खनिज (विकास एवं रेगुलेशन) संशोधन अधिनियम 2026 के प्रावधानों के विरोध में 19 सितंबर को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड मुख्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया।
कसमार प्रखंड समिति की ओर से आयोजित धरना-प्रदर्शन में पार्टी नेताओं ने संशोधन के प्रावधानों को झारखंड के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों से जोड़ते हुए इसका विरोध किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम संबोधित ज्ञापन बीडीओ नम्रता जोशी को सौंपा गया। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो सह 20 सूत्री समिति के प्रखंड अध्यक्ष दिलीप कुमार हेंब्रम ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में कसमार प्रखंड प्रमुख नियोती कुमारी मौजूद रहीं। इस अवसर पर झामुमो बोकारो जिला उपाध्यक्ष बिनय कपूर ने कहा कि खनिज संपदा झारखंड की अर्थव्यवस्था और पहचान से गहराई से जुड़ी है। संशोधन के प्रावधानों से राज्य के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकारों तथा राज्य की वित्तीय स्वायत्तता की रक्षा जरूरी है।
प्रखंड अध्यक्ष दिलीप कुमार हेंब्रम ने कहा कि संशोधन में खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स, सेस या अन्य लेवी को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि झामुमो राज्य के अधिकारों और वित्तीय स्वायत्तता के संरक्षण के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
उन्होंने राष्ट्रपति से मामले पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। प्रखंड प्रमुख नियोती कुमारी ने कहा कि झारखंड की पहचान जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों से यहां के रहिवासियों का गहरा संबंध है और खनिज संपदा से होने वाले राजस्व का लाभ राज्य के विकास तथा आमजन तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड के हितों और अधिकारों से जुड़े विषयों पर सभी को मिलकर आवाज उठानी चाहिए।
धरना प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद शेरे आलम, प्रखंड उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ठाकुर, प्रखंड सचिव सोहेल अंसारी आदि पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने संशोधन के प्रावधानों के विरोध में नारे लगाए और राज्य के अधिकारों की रक्षा की मांग की। नेताओं ने कहा कि झारखंड के प्राकृतिक एवं खनिज संसाधनों से जुड़े निर्णयों में राज्य के संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन के बाद झामुमो नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन बीडीओ नम्रता जोशी को सौंपा। कार्यक्रम में झामुमो के प्रखंड एवं जिला पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
ज्ञात हो कि संशोधन विधेयक में खनिज-युक्त भूमि के विनियमन में केंद्र की भूमिका बढ़ाने तथा खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर राज्यों की कुछ कर/सेस/लेवी शक्तियों को केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन करने का प्रावधान किया गया है। इस पर राज्यों के अधिकारों और संसद की विधायी क्षमता से जुड़े अधिकार शामिल है।
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