रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर 10 सितंबर को सदर अस्पताल बोकारो के सभागार में आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला.सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने की।
इस अवसर पर सिविल सर्जन ने कहा कि मानसिक परेशानी से जूझ रहे इंसान की बात सहानुभूति और धैर्य के साथ सुनना बेहद जरूरी है। कहा कि कई बार अपनी परेशानी खुलकर नहीं बता पाता। ऐसे में परिवार और आसपास को उसके व्यवहार में होने वाले बदलावों को समझने और समय पर सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक परेशानियों को लेकर खुलकर बात करने की अपील की।
मनोचिकित्सक डॉ प्रशांत कुमार मिश्रा ने आत्महत्या के चेतावनी संकेतों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वयं को दूसरों पर बोझ समझना, जीने की इच्छा नहीं होना, परिवार और दोस्तों से दूरी बनाना, पसंदीदा वस्तुएं दूसरों को देना, अवसाद, चिंता और अत्यधिक चिड़चिड़ापन जैसे बदलावों को गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसे संकेत दिखाई देने पर इंसान को अकेला न छोड़ें, उसकी बात ध्यानपूर्वक सुनें और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सहायता लें। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 अथवा 1800-891-4416 पर संपर्क किया जा सकता है।
कार्यशाला में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एनपी सिंह, मनोचिकित्सक डॉ प्रशांत कुमार मिश्रा, डॉ सौरभ, डॉ संजय, डॉ अमित, डॉ राजश्री रानी सिंह, डीपीसी आशीष दीन, जिला परामर्शी मोहम्मद असलम, मुकेश कुमार, आरती कुमारी मिश्रा, छोटेलाल दास, असीम कुमार समेत अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
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