अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को बाइक देना बंद करे-थाना प्रमारी
सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए देना अब भारी पड़ सकता है। इसका ताजा मामला पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में किरीबुरू थाना क्षेत्र से सामने आया है। जहां मुर्गापाड़ा रहिवासी निरंजन दास को अपने पड़ोस के 15 वर्षीय किशोर को मोटरसाइकिल देना महंगा साबित हुआ।
जानकारी के अनुसार बीते 7 जुलाई को निरंजन दास ने किसी जरूरी कार्य से अपने पड़ोस के 15 वर्षीय किशोर को अपनी मोटरसाइकिल क्रमांक JH06S-7780 दे दी। किशोर जब बाइक लेकर जा रहा था, तभी केंद्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु के समीप किरीबुरू पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान उसे रोक लिया गया। जांच में चालक के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने वाहन मालिक निरंजन दास के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A(2) के तहत मामला दर्ज कर नोटिस जारी किया। नोटिस के अनुसार उन्हें परिवहन पदाधिकारी कार्यालय, चाईबासा में उपस्थित होकर ₹25,000 का जुर्माना जमा करना होगा।
किरीबुरु पुलिस ने बताया कि मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के अनुसार यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते पकड़ा जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी वाहन मालिक या अभिभावक की भी मानी जाती है। ऐसे मामलों में ₹25,000 तक का जुर्माना, अधिकतम तीन वर्ष तक की सजा तथा वाहन का पंजीकरण 12 माह तक निलंबित किए जाने का प्रावधान है। साथ ही, कानूनी प्रावधानों के तहत नाबालिग को निर्धारित शर्तों के अनुसार 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता।
किरीबुरू पुलिस ने आम रहिवासियों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में नाबालिगों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने के लिए न दें। पुलिस अनुसार थोड़ी सी लापरवाही गंभीर सड़क दुर्घटना के साथ-साथ भारी आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है। थाना प्रमारी रोहित कुमार ने नाबालिग को बाइक देना बंद करने की अपील चाईबास क्षेत्र के अभिभावक से की है।
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