एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। देश की महारत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की अनुशंगी इकाई सेंट्रल कोलफीड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इसी क्रम में 30 मार्च को सीसीएल, झारखंड की राजधानी रांची के कांके स्थित रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज (रिनपास) तथा रोटरी फाउंडेशन के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। सीसीएल के जनसंपर्क विभाग के अनुसार इस समझौते (एमओयू) के तहत रिनपास रांची में अत्याधुनिक ब्रेन्सवे डीटीएमएस (डीप ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन) सिस्टम मशीन स्थापित की जाएगी, जिसमें एच वन, एच फोर एवं एच सेवन कॉइल्स की सुविधा उपलब्ध होगी। बताया गया कि यह तकनीक पूर्णतः नॉन-इनवेसिव है और मस्तिष्क के गहरे हिस्सों को लक्षित कर मानसिक रोगों के प्रभावी उपचार में सहायक सिद्ध होती है।
उक्त परियोजना की कुल लागत तीन वर्षों के एएमसी सहित ₹1,98,72,488/- बताया जा रहा है, जिसका वित्तीय वहन सीसीएल द्वारा सीएसआर मद से किया जाएगा। यह पहल सीसीएल की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक योगदान का सशक्त उदाहरण है। ज्ञात हो कि, ब्रेन्सवे डीटीएमएस तकनीक उन्नत एच-कोइल आधारित प्रणाली है, जिसके माध्यम से मस्तिष्क के न्यूरल नेटवर्क को द्विपक्षीय रूप से उत्तेजित एवं मॉड्युलेट किया जा सकता है।
यह तकनीक अवसाद (डिप्रेशन), ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) तथा निकोटीन एडिक्शन जैसी मानसिक बीमारियों के उपचार में प्रभावी पाई गई है। यह मशीन यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) द्वारा अनुमोदित है, तथा एक-कोइल तकनीक धूम्रपान त्याग (स्मोकिंग सेसशन) हेतु भी एफडीए से स्वीकृत है।
बताया जाता है कि इस परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 600 से अधिक गंभीर मानसिक रोगों से ग्रसित मरीजों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान है। साथ ही, डीटीएमएस उपचार को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) एवं झारखंड राज्य स्वास्थ्य योजना के साथ समन्वित किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को सुलभ एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेगा।
समझौता हस्ताक्षर के अवसर पर सीसीएल के महाप्रबंधक (एसडी एवं सीएसआर) सिद्धार्थ शंकर लाल, रिनपास की निदेशक डॉ जयंती सिमलाई तथा रोटरी फाउंडेशन के प्रतिनिधि ललित त्रिपाठी एवं गौरव बगरोय उपस्थित थे। सीसीएल की यह पहल मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
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