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बुजुर्गों की सलाह प्रेरणादायक, नौजवान इसे अपनाएं-अच्युतानंद

प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी से पधारे मानस मार्तंड अच्युतानंद ने बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के अंगवाली में आयोजित श्रीरामचरित मानस के 29वें अधिवेशन में रामचरित मानस के सुंदरकांड की चर्चा की।

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस के सुंदरकांड की चर्चा करते हुए मानस मार्तंड अच्युतानंद ने कहा कि आतताई रावण द्वारा भगवती सीता की खोज के लिए रिक्षराज यामवंत द्वारा बजरंगबली सहित अन्य वानरी सेना को जोश व हिम्मत बढ़ाना पड़ा। उसी प्रकार आज के नौजवान घर के बुजुर्गों की बातों की अवहेलना करने के बजाय उनकी सलाह व दिशा-निर्देश को मान लें, तो हर कार्यों में वे सफल अवश्य होंगे। बूढ़े जामवंत की सलाह व हिम्मत दिलाने पर ही वीर बजरंग को माता सीता की खोज कर पाने में कामयाबी मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आज के युवा वर्ग अपने बुजुर्गों की सलाह को मानने से कतराते हैं तो यह देश का दुर्भाग्य ही है।

वाराणसी से ही पधारी मानस कोकिला नीलम शास्त्री ने अपनी सारगर्भित व्याख्यान में मानस में वर्णित दो पक्षियों का उल्लेख किया। कहा कि इंद्र के पुत्र जयंत काक ने माता सीता की चरण में चोंच मारकर परमात्मा से बैर कर लिया। प्रभु को पहचानते हुए उसे नारद की सलाह पर अंत में प्रभु की शरण में जाना पड़ा। दूसरे पक्षीराज जटायु की त्याग व बलिदान की गाथा बताई। कहा कि एक पक्षी होकर भी राष्ट्र की शक्ति रूपी सीता की अस्मिता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

इस प्रसंग से आज के नौजवानों को सीख लेनी चाहिए, जो बेलगाम होकर घूमते व दूसरे की बहु, बेटियों की इज्जत लूटने की फिराक में रहते हैं।सुंदरकांड में वर्णित हनुमानजी की चतुराई व वीरता का भी यहां जमकर बखान किया गया। अच्युतानंद पाठक ने कहा कि सीता के वियोग में प्रभु राम को अनुज लक्ष्मण संग वन में विचरण करते वक्त हनुमान ने बड़ी बुद्धिमता से ब्राह्मण वेश धारण कर अपने प्रभु को पहचान लिया। उन्होंने ही किचकिंधा में सुग्रीव से मित्रता कराई।
मानस कोकिला नीलम शास्त्री ने कहा कि हनुमानजी ने समुद्र लांघकर लंका जाने के क्रम में कई राक्षसियों द्वारा मार्ग अवरुद्ध करने पर अपनी बुद्धिमता से सभी को जीत लिया।

ज्ञात हो कि 15 मार्च के दिन में रामायण पाठ, श्रद्धालुओं द्वारा परिक्रमा के साथ पूजा किये जाने की खूब धूम रही। मैथाटुंगरी में बजरंगबली मंदिर एवं नवनिर्मित ग्रामदेवी की मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूजा की। अंगवाली गांव के विभिन्न मुहल्ले के अलावा झुंझको, बोरवापानी, बेहरागोडा, खेड़ो, छपरडीह, बालूबंकर, फुसरो, पिछरी आदि इलाके से श्रद्धालु यहां पहुंचकर श्रीराम कथा का रसपान किया। कथा श्रवण के अवसर पर भाजपा नेता लक्ष्मण कुमार नायक यहां पहुंचे, जिनका स्वागत धार्मिक पट्टा से अध्यक्ष पवन नायक ने किया।

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