महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका में आगे आने की आवश्यकता-जिप अध्यक्ष
बेटियों को आत्मविश्वासी और महत्वाकांक्षी बनाएं-डीडीसी
उत्कृष्ट कार्य करने वाली बोकारो जिले की 20 महिला मुखिया सम्मानित
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिले में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पखवाड़ा के अवसर पर 13 मार्च को जिला प्रशासन द्वारा जिला पंचायत संसाधन केंद्र (डीपीआरसी) में पंचायती राज एवं विकेंद्रीकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान अपने-अपने पंचायतों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 20 महिला मुखियाओं को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया, वहीं उपस्थित अन्य सभी मुखियाओं को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ बोकारो की जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) मो. सफीक आलम, नोडल पदाधिकारी पंकज दूबे, तांतरी दक्षिणी पंचायत की मुखिया शांति देवी, बुंडू पंचायत की मुखिया निहारिका सुकृति तथा जरीडीह पूर्वी पंचायत की मुखिया कंचन देवी, प्रदान की पीयूष मोई, पिरामल फाउंडेशन के सुदीप्त हाजरा सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मौके पर जिप अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि पंचायतों के समग्र विकास के लिए महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका में आगे आने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण विकास की प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी। डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने कहा कि आज समाज में बेटियों को अधिक से अधिक शिक्षित करने और उन्हें आत्मविश्वासी तथा महत्वाकांक्षी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने महिला मुखियाओं से कहा कि जिस प्रकार वे अपने घरों को सजाने-संवारने में लगन से कार्य करती हैं, उसी प्रकार अपने पंचायतों के विकास के लिए भी समर्पित होकर कार्य करें।
कार्यशाला में डीपीआरओ मो. सफीक आलम ने मानवाधिकार, महिला अधिकार, बाल अधिकार, महिला हिंसा तथा बाल विवाह जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी और पंचायत प्रतिनिधियों से इन मुद्दों के प्रति जागरूक और संवेदनशील रहने की अपील की। वहीं, मनरेगा नोडल पदाधिकारी ने मनरेगा योजना में महिलाओं को प्राप्त विशेष अधिकारों और अवसरों के बारे में विस्तार से बताया।

इस अवसर पर जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) ने कहा कि जेएसएलपीएस की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यशाला के दौरान बुंडू मुखिया निहारिका सुकृति ने जेंडर रेस्पॉन्सिव पंचायत की अवधारणा पर अपने विचार प्रस्तुत की। इसके अलावा जरीडीह पूर्वी मुखिया कंचन देवी, टांड़ बालीडीह की मुखिया माना देवी तथा गोविंदपुर डी पंचायत की मुखिया चंदना मिश्रा ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला का संचालन विजय ठाकुर ने किया। कार्यशाला के सफल आयोजन में प्रदान के सूरज सेन, जया पुरकैत, सुप्रतीक बर्मन, रौशन सहानी, शोभा, बबीता, सविता तथा एभीए संस्था के अमर का अहम योगदान रहा। कार्यशाला का समापन बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक शपथ के साथ किया गया।
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